बिहार के वैशाली जिले में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहाँ के राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास गंगा नदी में एक नाव पलट गई। इस दुखद घटना में अब तक कम से कम 13 लोगों की जान चली गई है।
यह हादसा मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को रात लगभग 8:30 बजे हुआ। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं जिनकी उम्र 15 साल से कम है। ये बच्चे पांचवीं से नौवीं कक्षा के छात्र थे और पड़ोस के एक गांव में दावत में शामिल होने जा रहे थे।
बचाव कार्य और घायलों की स्थिति
हादसे के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया, जिसमें नाव के मालिक समेत सात लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इन सभी सात बचे हुए लोगों को इलाज के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में भर्ती कराया गया है।
वैशाली की जिला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों के साथ स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने पूरी रात खोज और बचाव अभियान चलाया।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
डीएम वर्षा सिंह ने यह स्पष्ट किया कि रात के समय नाव चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। उन्होंने इस पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं। राहत कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शुभंकर मिश्रा, उप-विभागीय अधिकारी विशाल कुमार, एसडीपीओ सुबोध कुमार, बीडीओ सीमा कुमारी और सीओ दीपक कुमार तैनात किए गए हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना को हृदयविदारक बताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया है कि बचाव कार्य में तेजी लाई जाए और घायलों को बेहतर इलाज मिले।
राहत राशि और राजनीतिक प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और प्रत्येक घायल व्यक्ति के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
राघोपुर के विधायक और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा है। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि रिपोर्ट्स के अनुसार नाव पर लगभग 30 लोग सवार थे।
हादसे के कारणों पर अलग-अलग दावे
नाव की प्रकृति को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि वह नाव सरकार की थी और उसकी हालत बहुत खराब थी। वहीं दूसरी ओर कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि वह एक निजी नाव थी जिसे रात की पाबंदी के बावजूद चलाया जा रहा था।
बताया गया है कि नदी में पानी का स्तर बढ़ा हुआ था और तेज बहाव था। इसी दौरान नाव एक डूबी हुई चट्टान से टकराई, जिससे वह पलट गई।
पटना में अलग हादसा और पोस्टमार्टम
इसी बीच एक और अलग घटना सामने आई है। पटना के जिला मजिस्ट्रेट त्याग राजन ने पुष्टि की है कि पटना के बाढ़ क्षेत्र में एक अलग नाव दुर्घटना में तीन और लोगों की मौत हुई है।
प्रशासन ने बरामद किए गए शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।









