बाराबंकी जिले की धनोखर झील पर ‘केवट संवाद’ और ‘नाव नवैया लीला’ का भव्य मंचन किया गया। इस कार्यक्रम में भगवान राम के प्रति केवट की अटूट भक्ति और राम व निषाद राज की ऐतिहासिक मुलाकात को जीवंत रूप में दिखाया गया।
नाटक में उस समय का वर्णन किया गया जब भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वनवास पर थे। इस दौरान उन्होंने तमसा नदी पार करने से पहले मंत्री सुमंत को विदा किया और श्रृंगवेरपुर में निषाद राज से मुलाकात की।
केवट की भक्ति और अनोखी शर्त
जब भगवान राम गंगा नदी के तट पर पहुंचे, तो उन्होंने केवट से नाव मांगी। केवट ने तुरंत नाव लाने से इनकार कर दिया और एक पौराणिक कथा का जिक्र करते हुए मजाक में अपनी चिंता जताई।
केवट का मानना था कि राम के कमल जैसे चरणों की धूल में जादुई शक्ति है, जो पत्थर को भी स्त्री बना सकती है। उसे डर था कि कहीं उसकी लकड़ी की नाव भी स्त्री न बन जाए, जिससे उसकी रोजी-रोटी छिन जाएगी और वह अपने परिवार का पालन-पोषण नहीं कर पाएगा।
इसी डर की वजह से केवट ने पहले भगवान राम के पैर धोने की जिद की। उसने साफ कहा कि वह कोई किराया नहीं चाहता, लेकिन जब तक वह पैर नहीं धो लेगा, तब तक वह उन्हें पार नहीं कराएगा। उसने यह भी कहा कि यदि लक्ष्मण उसे तीर से डराएंगे तब भी वह अपनी बात पर अड़ा रहेगा।
गंगा पार करने का दृश्य और आयोजन
केवट की इन सच्ची बातों को सुनकर भगवान राम मुस्कुराए और उन्होंने जानकी व लक्ष्मण की ओर देखा। इसके बाद राम ने केवट को अपने पैर धोने की अनुमति दे दी।
पैर धोने की रस्म पूरी होने के बाद केवट ने भगवान राम, सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराई। इस दृश्य को देखकर नदी भी आनंदित हो उठी और देवताओं ने उन पर फूलों की वर्षा की।
इस पूरे नाटक की प्रस्तुति लखनऊ के अविनाश मधुर और उनकी पार्टी ने की थी। कार्यक्रम के दौरान जादूगर चिराग ने कई तरह के करतब दिखाए। साथ ही वहां गंगा आरती भी की गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
- कार्यक्रम का आयोजन प्रशांत सिंह, सुशील जायसवाल, अंश मिश्रा (दिवंगत कंजी मिश्रा के पुत्र) और रंजीत वर्मा के सहयोग से हुआ।
- प्रशांत सिंह ने नाटक में केवट की मुख्य भूमिका निभाई।
इस अवसर पर राम लखन श्रीवास्तव, अनिल अग्रवाल, महासचिव शिवकुमार वर्मा, सुशील जायसवाल, लीला व्यास, पंडित प्रमोद पाठक और गुरदीप सिंह ‘सिधू’ मौजूद रहे।
इसके अलावा पंडित संजय तिवारी, राजू पटेल, अमर सिंह, अंकित गुप्ता गोलू, विनय सिंह, सौरभ गुप्ता और कुणाल सिंह ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

























