भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा की सदस्यों ने बाराबंकी के छाया में स्थित कांग्रेस पार्टी के कार्यालय का घेराव किया और वहां जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन मणिपुर के एक गंभीर यौन शोषण मामले में कांग्रेस पार्टी की चुप्पी और उसके रुख के खिलाफ आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की राज्य सोशल मीडिया समन्वयक मानवी द्विवेदी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कांग्रेस सांसद विमल अकोइजम के खिलाफ जवाबदेही तय करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
सांसद की भूमिका और महिलाओं का शोषण
इस प्रदर्शन के जरिए 11 युवा महिलाओं के यौन शोषण के मामले को उजागर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर सवाल उठाए कि जब इस मामले में सांसद विमल अकोइजम की संलिप्तता के सबूत मिले हैं, तो कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें हटाने की मांग पर अब तक क्या कदम उठाए हैं।
महिला मोर्चा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अक्सर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के बारे में बात करती है। लेकिन इतने गंभीर मामले पर कांग्रेस पार्टी अब एक स्पष्ट जवाब देने से बच रही है और चुप्पी साधे हुए है।
दोहरे मापदंड और जवाबदेही की मांग
जिला अध्यक्ष रामेश्वरी त्रिवेदी ने इस दौरान कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े मामलों में दोहरे मापदंड बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक दलों को एक स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। महिला मोर्चा ने मांग की कि कांग्रेस नेतृत्व अपनी स्थिति स्पष्ट करे और महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाए।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख सदस्य
इस विरोध प्रदर्शन में महिला मोर्चा की कई प्रमुख कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य शामिल थीं:
- रचना श्रीवास्तव
- नीता अवस्थी
- डॉ. राम कुमारी मौर्य
- अलका मिश्रा
- सरिता सिंह
- अर्चना मिश्रा
- सरोज रावत
इन सभी के साथ महिला मोर्चा की अन्य कई कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में मौजूद रहीं और अपनी आवाज बुलंद की।

























