शाहजहाँपुर में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मार्च निकाला। इस प्रदर्शन को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का नाम दिया गया है।
यह पूरा मार्च राष्ट्रीय सचिव Shahnawaz Alam के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने Bharatiya Janata Party के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ‘वोट चोरों’ के ठिकाने के बारे में सवाल उठाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले को जलाने की कोशिश
मार्च शुरू होने से पहले Youth Congress और National Students’ Union of India (NSUI) के सदस्यों ने एक कोशिश की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar का पुतला जलाने का प्रयास किया।
तभी वहां मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और पुतले को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने और अधिक नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।
लोकतंत्र की रक्षा और इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जनता के वोटों और लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी के चलते उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के इस्तीफे की औपचारिक मांग की।
राष्ट्रीय सचिव Shahnawaz Alam ने इस मौके पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और लोगों के चुनावी अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर संसद तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
कार्यकर्ताओं की एकजुटता और संकल्प
Shahnawaz Alam ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से इस मकसद के लिए एकजुट रहने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ेंगे और अपनी आवाज बुलंद रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से इन बातों पर जोर दिया:
- लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों का संरक्षण करना।
- मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar का इस्तीफा सुनिश्चित करना।
- संविधान और चुनावी अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना।









