कांग्रेस नेता Supriya Shrinate ने दिल्ली पुलिस के व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस द्वारा पार्टी के नेतृत्व के साथ किए गए व्यवहार को बर्बरता बताया है। श्रीनेत का कहना है कि पुलिस ने शालीनता की सभी सीमाओं को पार कर दिया है।
यह मामला एक प्रदर्शन के दौरान सामने आया। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि लाखों नागरिकों की ओर से काम करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि Rahul Gandhi विपक्ष के नेता के तौर पर पूरे विपक्ष और देश के 65% मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रियंका गांधी और कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार
सुप्रिया श्रीनेत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान Delhi Police के कर्मियों ने Priyanka Gandhi Vadra के साथ शारीरिक बदसलूकी की। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ भी पुलिस ने बुरा व्यवहार किया।
श्रीनेत ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के तरीके पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब लोग सड़कों पर लेटे हुए थे, तब उन्हें जबरन हटाया गया। उनके अनुसार, पुलिस का यह व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
सरकार और प्रशासन पर हमला
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ये कार्रवाई प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah के प्रशासन के अंत की शुरुआत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने निजी हितों के लिए नहीं, बल्कि विपक्ष, जनता और संविधान के लिए लड़ रही है।
उन्होंने Narendra Modi और Amit Shah पर सीधा आरोप लगाया कि वे Gyanesh Kumar को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। श्रीनेत ने इस मुद्दे पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प
कांग्रेस नेता ने अंत में यह संकल्प जताया कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर देश के लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश, उसके लोकतंत्र और संविधान को छिन्न-भिन्न नहीं होने देगी। उन्होंने इस लड़ाई को जारी रखने की बात कही है।









