उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में 7 अक्टूबर, 2026 को अंबेडकर चौक पर तनाव की स्थिति बन गई। यहाँ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन ‘Save Democracy, Save Vote’ अभियान के तहत आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी पार्टी के मीराभवन स्थित कार्यालय से मार्च करते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे थे।
चौक पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पुतले को आग के हवाले कर दिया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प
जब पुतले में आग लगी, तो पुलिस अधिकारियों ने उसे बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही शारीरिक झड़प में बदल गई।
इस अफरा-तफरी और हंगामे के दौरान पूर्व विधायक Ram Shiromani Shukla और जिला महासचिव Abdul Kadir Jilani घायल हो गए। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की चलती रही।
तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और आगे की रणनीति
प्रतापगढ़ पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और अभद्र व्यवहार के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लोगों में शामिल हैं:
- समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग सेल के विश्वनाथगंज विधानसभा अध्यक्ष Ram Khelawan Yadav
- बूथ अध्यक्ष Chandrashekhar Pal
- अधिवक्ता Rajendra Prasad Yadav
सपा नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं दे देते। पार्टी ने इस मुद्दे पर पीछे हटने से इनकार किया है।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप और कानूनी स्थिति
प्रतापगढ़ का यह प्रदर्शन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी समूहों द्वारा चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है। इन दलों का आरोप है कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं।
विपक्ष ने चुनाव आयोग के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2018 में यह फैसला दिया था कि किसी जीवित व्यक्ति का पुतला जलाना प्रथम दृष्टया आपराधिक अपराध नहीं है।
इसके बावजूद, विभिन्न जिलों के प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों पर मामले दर्ज किए हैं। इन केसों का आधार बिना अनुमति के प्रदर्शन करना और सार्वजनिक सड़कों को बाधित करना बताया गया है।









