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प्रयागराज की रामलीला में रावण के अलग रूप दिखेंगे, कलाकार विद्वान और शिवभक्त छवि को देंगे प्राथमिकता

प्रयागराज में साल 2026 के रामलीला सीजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार रावण का किरदार निभाने वाले कलाकार इस पात्र के केवल बुरे पक्ष को नहीं दिखाएंगे। वे रावण के बहुआयामी व्यक्तित्व को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं।

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कलाकार रावण को सिर्फ बुराई के प्रतीक के रूप में पेश करने के बजाय उसकी विद्वता, एक महान राजा की छवि और भगवान शिव के प्रति उसकी गहरी भक्ति को उजागर करेंगे। इस उद्देश्य के लिए कलाकार गहन तैयारी कर रहे हैं।

विभिन्न रामलीला समितियों ने कलाकारों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसमें श्री पत्थरचट्टी रामलीला कमेटी भी शामिल है, जिसने 30 अगस्त 2026 को अपना चयन कार्य पूरा किया।

प्रमुख कलाकारों की तैयारी और नजरिया

अभिषेक सिंह पत्थरचट्टी रामलीला में चौथी बार रावण का किरदार निभाएंगे। अभिषेक सिंह 10 अक्टूबर को मुंबई से प्रयागराज पहुंचेंगे। उन्होंने रावण के चरित्र की जटिलता के प्रति अपना आकर्षण जताया है।

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सिंह ने विशेष रूप से रावण के नैतिक संयम का जिक्र किया। उनका कहना है कि रावण ने सीता का अपहरण करने के बावजूद उन्हें स्पर्श नहीं किया, जो इस पात्र की एक महत्वपूर्ण परत है।

वहीं सिविल लाइंस रामलीला में विक्रम रे तीसरी बार रावण बनेंगे। उन्होंने पहली बार साल 2019 में यह भूमिका निभाई थी। विक्रम रे इस किरदार के आत्म-सम्मान और शिव भक्ति पर जोर दे रहे हैं।

इन सबके साथ शरद कुशवाहा भी जुड़ रहे हैं। वह कटरा रामलीला में पहली बार रावण की भूमिका निभाने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।

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परंपराएं और प्रशासनिक व्यवस्थाएं

इन प्रदर्शनों के लिए कुछ सख्त परंपराएं और प्रशासनिक नियम लागू हैं। श्री कटरा रामलीला कमेटी के नियमों के अनुसार रावण का किरदार निभाने वाले कलाकार का ब्राह्मण होना अनिवार्य है।

इसके अलावा, कलाकार को मांस और शराब से पूरी तरह परहेज करने की शपथ लेनी होती है। इन परंपराओं का पालन सख्ती से किया जाता है।

प्रशासनिक स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने योजना बनाना शुरू कर दिया है। वह विभिन्न रामलीला और पूजा समितियों के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी न रहे।

प्रशासन द्वारा निम्नलिखित व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है:

  • सड़कों का रखरखाव और मरम्मत
  • बिजली की निर्बाध आपूर्ति
  • साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था
  • पीने के पानी की सुविधा
  • सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
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कार्यक्रम की समय सारिणी और समितियां

आयोजनों का कैलेंडर काफी व्यस्त है। कटरा रामलीला कमेटी 6 अक्टूबर को रावण का भव्य जुलूस निकालेगी। इस रामलीला का प्रदर्शन 10 अक्टूबर से शुरू होगा।

पत्थरचट्टी रामलीला कमेटी के डायरेक्टर सुरेंद्र कला और समन्वयक धर्मेंद्र कुमार भैया ने कार्यक्रम तय किए हैं। यहाँ 6 अक्टूबर को मुकुट पूजन समारोह होगा। इसके बाद 12 अक्टूबर से रामलीला शुरू होगी और 20 अक्टूबर को विजयदशमी का जुलूस निकाला जाएगा।

सिविल लाइंस कमेटी के डायरेक्टर जगदीश बंधु के मार्गदर्शन में कलाकार रोजाना रिहर्सल कर रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रदर्शन को त्रुटिहीन और प्रभावशाली बनाना है।

इन उत्सवों में श्री दरागंज रामलीला कमेटी और श्री महंत बाबा हाथी पाजावा रामलीला कमेटी जैसी अन्य प्रमुख समितियां भी शामिल हैं।

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