उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में 2 अक्टूबर 2026 की रात एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ बाढ़ के पानी में एक नाव पलट गई, जिसमें सवार बच्चों समेत 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
यह पूरी घटना बिन्दकी तहसील के जेड का पुरवा-अवसेरी खेड़ा रोड के पास रात करीब 7:00 बजे की है। गंगा नदी के बढ़े हुए जलस्तर की वजह से यह रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था।
नाव पर सवार लोगों में हरेलाल, बालकृष्ण, अमर और कुंदन नाम के व्यक्ति शामिल थे। यह पूरा समूह गलता गांव में एक कुश्ती मैच देखने गया था और वहां से वापस लौट रहा था।
नाव पलटने और हादसे की वजह
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाव चलाने वाला मल्लाह अपनी चप्पू लेकर नाव से उतर गया था। इस वजह से नाव पर सवार ग्रामीणों ने खुद ही नाव को चलाने की कोशिश की।
पानी की तेज धारा के बीच नाव अनियंत्रित हो गई और सड़क के टूटे हुए हिस्से से बने एक गहरे गड्ढे से टकराकर पलट गई। जैसे ही नाव पलटी, मौके से तुरंत मदद के लिए पुकार लगाई गई।
अंधेरे में चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
मदद की पुकार सुनते ही तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया। औंग स्टेशन के थाना प्रभारी दिनेश कुमार शुक्ला के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस टीम के साथ स्थानीय निवासी बाबूराम और होरीलाल भी शामिल थे। इन लोगों ने टॉर्च की रोशनी में अंधेरे के बीच यह साहसिक बचाव कार्य किया और सभी 12 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्रशासन की कार्रवाई और पाबंदी
बिन्दकी के उप जिलाधिकारी (SDM) निशांत तिवारी ने इस पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में खास तौर पर इस बात की पड़ताल की जा रही है कि मल्लाह नाव छोड़कर क्यों गया था।
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने रात के समय नावों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अधिकारी अब लापरवाही के आरोपों की जांच कर रहे हैं।
- स्थानीय लोगों ने बढ़ते जलस्तर से खराब हुई सड़क की समस्या का स्थायी समाधान मांगा है।
- प्रशासन ने रात में नाव चलाने पर पाबंदी लगा दी है।
- मल्लाह की अनुपस्थिति पर SDM निशांत तिवारी ने जांच बिठाई है।

























