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बाराबंकी कोर्ट ने 2011 की लूट के मामले में पांच आरोपियों को किया बरी

बाराबंकी जिला अदालत ने एक आपराधिक मामले में सुनवाई करते हुए पांच लोगों को बरी कर दिया है। सीनियर एडवोकेट Tufail Ahmed ने इस मामले में इन पांच व्यक्तियों के लिए सफलतापूर्वक पैरवी की और उन्हें दोषमुक्त कराया।

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यह पूरा मामला साल 2011 की एक लूट से जुड़ा था। अदालत ने सबूतों और गवाहों को देखने के बाद आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए रिहा करने का आदेश दिया है।

जितेन्द्र सोनकर को मिला संदेह का लाभ

अदालत में सेशन ट्रायल केस नंबर 242/2013 की सुनवाई हुई। यह मामला क्राइम नंबर 828/2011 से संबंधित था, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 395 और 412 के तहत कार्रवाई की गई थी।

अडिशनल सेशन जज (कोर्ट नंबर 6) की अदालत ने आरोपी जितेन्द्र सोनकर को बरी कर दिया। कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें संदेह का लाभ दिया है।

बदोसराय पुलिस स्टेशन के मामले में चार अन्य बरी

इसी तरह एक अन्य सुनवाई सेशन ट्रायल केस नंबर 198/2013 में हुई। यह मामला भी क्राइम नंबर 828/2011 से जुड़ा था, जो बदोसराय पुलिस स्टेशन के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत दर्ज था।

इस मामले में कोर्ट ने निम्नलिखित आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया है:

  • राम सजन
  • शंकर
  • रमेश सोनकर
  • विजय त्यागी

सीनियर एडवोकेट Tufail Ahmed द्वारा की गई प्रभावी कानूनी पैरवी के बाद यह फैसला आया। अदालत ने इन चारों आरोपियों के पक्ष में भी संदेह का लाभ दिया और उन्हें दोषमुक्त कर दिया।

परिजनों और ग्रामीणों ने जताया आभार

सभी पांच आरोपियों के बरी होने की खबर मिलते ही उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। आरोपियों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने इस फैसले का स्वागत किया है।

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ग्रामीणों और परिजनों ने एडवोकेट Tufail Ahmed की पेशेवर क्षमता और ट्रायल को सफलतापूर्वक संभालने के लिए उनकी प्रशंसा की और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

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