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बदायूं में 3 लाख वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप, आदित्य यादव करेंगे PDA पंचायत और प्रदर्शन

समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने बदायूं जिले में ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि जिले की मतदाता सूची से अवैध तरीके से तीन लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं।

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3 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आदित्य यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक खास राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर की गई है।

सांसद का आरोप है कि पूरे देश में लगभग 13 करोड़ वोट हटाए गए हैं। इसमें से अकेले बदायूं जिले के 3 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

PDA पंचायत और चुनाव आयोग का घेराव

इस समस्या के समाधान के लिए समाजवादी पार्टी अब ‘PDA पंचायत’ शुरू करने जा रही है। इन पंचायतों के जरिए जनता को एकजुट किया जाएगा ताकि जिन लोगों के वोटिंग अधिकार छीने गए हैं, उन्हें वापस दिलाया जा सके।

आदित्य यादव ने ऐलान किया है कि समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन के प्रतिनिधि 6 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूचियों में हुई गड़बड़ी के खिलाफ किया जाएगा।

पुराने आरोपों और सरकारी आंकड़ों का विवरण

इससे पहले 2 अक्टूबर 2026 को भी आदित्य यादव ने आयोग की ईमानदारी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि मतदाताओं के नाम सामूहिक रूप से सरकार के निर्देश पर हटाए गए हैं।

यह विवाद फरवरी 2026 से चल रहा है। उस समय यादव ने आरोप लगाया था कि ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन-2026’ के दौरान फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल करके हजारों वोटर्स के नाम चुपचाप हटा दिए गए।

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सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, बदायूं में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान के कारण 4,92,995 मतदाताओं के नाम हटाए गए। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित होने वाली थी।

विपक्ष के दावे और सरकार का पक्ष

आदित्य यादव ने मई 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी प्रशासनिक धांधली के आरोप लगाए थे। हालांकि, उस समय अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष थी।

दिसंबर 2025 में संसद में ‘वोट चोरी’ के समान आरोपों पर जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि अनुच्छेद 324, 325 और 326 चुनाव आयोग को SIR प्रक्रिया की शक्ति देते हैं। इसका मकसद मृत या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाकर वोटर लिस्ट को शुद्ध बनाना होता है।

इस मामले में अन्य नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है:

  • समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 25 सितंबर 2026 को इस कथित हेरफेर को ‘लूट’ करार दिया।
  • अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी लोकतांत्रिक तरीकों से ‘वोट चोरी’ और ‘फंड चोरी’ के मुद्दे उठाने का वादा किया है।

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