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महाकुंभ में हुई भगदड़ का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। महाकुंभ में 29 जनवरी को हुई भगदड़ में लापता लोगों का विवरण एकत्र करने के लिए न्यायिक निगरानी समिति गठित करने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है।
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सुरेश चंद्र पांडेय की ओर से दाखिल जनहित याचिका में भगदड़ में कई लोगों की मौत और घायल होने के मामले में न्यायिक निगरानी समिति गठित करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी मांग की गई है कि समिति की जानकारी प्रमुख और क्षेत्रीय समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित कराने का निर्देश दिया जाए ताकि लोग समिति को जानकारी दे सकें। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी महाकुंभ और मुख्य चिकित्साधिकारी प्रयागराज को पोस्ट मार्टम हाउस में घायलों के प्रवेश व लाशों के निस्तारण का रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाए।

यह तस्वीर महाकुंभ में भगदड़ (28 जनवरी) की रात की है। बदहवास लोग अपने परिजन को ढूंढते दिखे थे।
जनहित याचिका के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में महाकुंभ भगदड़ के लिए उत्तर प्रदेश राज्य के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था।
साथ ही घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई करने को कहा था। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 29 जनवरी को भगदड़ की जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन किया है। आयोग ने घटना के संबंध में जानकारी देने के लिए लोगों को आमंत्रित किया है।
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