GAIL की सहायक कंपनी GMPL ने मंगलुरु में 1.25 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाला Purified Terephthalic Acid (PTA) प्लांट सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह बुनियादी ढांचा विकास घरेलू पेट्रोकेमिकल क्षमता को मजबूत करने और महत्वपूर्ण पॉलिएस्टर फीडस्टॉक के लिए आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Sarkaritel की आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, यह सुविधा 7 नवंबर 2026 तक चालू हो चुकी है। यह घोषणा दर्शाती है कि यह प्रोजेक्ट GAIL ग्रुप द्वारा प्रबंधित व्यापक ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल वैल्यू चेन में कैसे एकीकृत होता है।
औद्योगिक सप्लाई चेन पर रणनीतिक प्रभाव
PSU Connect की रिपोर्टों के मुताबिक, इस मुख्य इंटरमीडिएट केमिकल की स्थिर आपूर्ति से टेक्सटाइल और पैकेजिंग निर्माताओं को लाभ होगा। यह नया प्लांट उन कच्चे माल के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर ‘Make in India’ पहल के अनुरूप है, जिन्हें पहले अंतरराष्ट्रीय बाजारों से हासिल किया जाता था।
उद्योग जगत के जानकारों का कहना है कि स्थानीय उत्पादन बढ़ने से प्रतिस्पर्धी माहौल बदलेगा। ऊर्जा क्षेत्र के हालिया अपडेट के अनुसार, जो कंपनियां पहले पूरी तरह आयात पर निर्भर थीं, उन्हें घरेलू उपलब्धता बढ़ने से नए मूल्य दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इस बदलाव में GAIL, उसकी सहायक कंपनी GMPL और व्यापक पेट्रोकेमिकल क्षेत्र शामिल हैं। सप्लाई चेन स्थिरता के अलावा, इस प्रोजेक्ट से मंगलुरु क्षेत्र में स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
व्यावसायिक संचालन के अगले कदम
कमीशनिंग पूरी होने के बाद अब इस सुविधा का प्राथमिक ध्यान व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ाने पर है। PSU Connect की रिपोर्ट के अनुसार, डाउनस्ट्रीम उपयोगकर्ताओं तक PTA का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए मार्केट इंटीग्रेशन रणनीतियां लागू की जा रही हैं।
प्रोजेक्ट के कुछ विवरण आंतरिक रखे गए हैं, विशेष रूप से पूर्ण क्षमता उपयोग तक पहुंचने की सटीक समयसीमा और प्लांट निर्माण से जुड़े कुल निवेश के आंकड़े। इन प्रोजेक्ट मील के पत्थरों के लिए Sarkaritel और PSU Connect के आधिकारिक अपडेट प्राथमिक स्रोत हैं।









