छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओ विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने 711 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) शेल बरामद किए, जिन्हें विद्रोहियों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के पास घने जंगलों में जमा कर रखा था।
यह ऑपरेशन गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को चलाया गया। इसमें बीजापुर जिला पुलिस, CRPF की 196वीं बटालियन, विशिष्ट कोबरा यूनिट की 204वीं बटालियन और स्पेशल ऑपरेशंस टीम ने हिस्सा लिया, जिन्हें बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड का समर्थन मिला।
माओवादी रसद को बड़ा झटका
अधिकारियों के अनुसार, यह जखीरा उसुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में स्थित तड़पल्ला गांव फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस के उत्तर-पश्चिम में लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर मिला। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह बरामदगी माओवादियों की रसद के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका है, क्योंकि BGL शेल का उपयोग अक्सर सुरक्षाकर्मियों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।
बरामदगी के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधी सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें नागरिकों से कर्रेगुट्टा पहाड़ियों और आसपास के इलाकों में न जाने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इलाके में अभी भी अतिरिक्त इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस या बिना फटे गोला-बारूद छिपे हो सकते हैं। अब इस क्षेत्र की व्यवस्थित डीमिनिंग और सैनिटेशन स्वीप की योजना बनाई जा रही है।









