मध्य प्रदेश वन विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने KNG-22 नाम के 19 महीने के नर चीते की गोली मारकर हत्या के मामले में मोरेना जिले के रहने वाले दो भाइयों, भगवान सिंह और प्रीतम सिंह को गिरफ्तार किया है। यह जानवर 25 अक्टूबर 2026 को श्योपुर वन मंडल के कंपार्टमेंट नंबर 748 में गंभीर रूप से घायल मिला था।
चीते की इमरजेंसी सर्जरी की गई, लेकिन 27 अक्टूबर 2026 को उसकी मौत हो गई। पशु चिकित्सकों ने चीते के शरीर से पांच मेटल पेलेट्स (धातु के छर्रे) निकाले थे।
शिकार और हथियार की बरामदगी
पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने कबूल किया कि उन्होंने 24 अक्टूबर 2026 को श्योपुर के विजयपुर क्षेत्र में स्थित नितनवास गांव के पास जंगल में शिकार किया था। भगवान सिंह ने स्वीकार किया कि उसने अपनी लाइसेंसी डबल-बैरल मजल-लोडिंग गन, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘भरमार’ कहा जाता है, से चीते को गोली मारी थी।
आरोपियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर STF ने मोरेना डिवीजन के एक वन क्षेत्र से हथियार बरामद कर लिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह स्थानीय शिकार का मामला है और संदिग्धों का किसी संगठित वन्यजीव अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं मिला है।
कानूनी कार्रवाई और निलंबन
दोनों भाइयों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9 और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 31 अक्टूबर 2026 को भगवान सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसके भाई प्रीतम सिंह को भी हिरासत में लिया गया। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को दोनों को विजयपुर की अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए ग्वालियर के मुख्य वन संरक्षक ने सुरक्षा और निगरानी ड्यूटी में लापरवाही के लिए चार वन कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें
- दो रेंजर
- एक डिप्टी रेंजर
- एक बीट गार्ड
शामिल हैं।
वन और पुलिस अधिकारियों की चार सदस्यीय STF ने इन्फॉर्मर नेटवर्क और डॉग स्क्वाड की मदद से संदिग्धों की पहचान कर उन्हें पकड़ा था।









