भारतीय खिलाड़ी वेलवन सेंथिलकुमार ने ब्रनो में टॉप-सीडेड ग्रेग लोबन को हराकर चेक ओपन 2026 स्क्वैश का खिताब अपने नाम कर लिया है। यह उनकी प्रोफेशनल स्क्वैश एसोसिएशन (PSA) टूर का 12वां खिताब है और इस साल उनका दूसरा कॉपर-लेवल क्राउन है।
विश्व रैंकिंग में 42वें स्थान पर मौजूद सेंथिलकुमार ने स्कॉटलैंड के खिलाड़ी ग्रेग लोबन, जो दुनिया में 31वें नंबर पर हैं, को 13-11, 11-5, 8-11, 11-7 के स्कोर से हराया। यह मैच 3 नवंबर 2026 को या उसके आसपास समाप्त हुआ, जिसने टूर्नामेंट में उनके दबदबे को साबित किया।
फाइनल तक का सफर
सेंथिलकुमार इस प्रतियोगिता में चौथे नंबर के सीड के तौर पर उतरे थे। फाइनल में पहुंचने के लिए उन्होंने ब्राजील के डिएगो गोब्बी, अर्जेंटीना के जेरेमियास अज़ाना और फ्रांस के अगस्त डूसोर्ड को सीधे गेम में हराया।
विश्लेषकों के अनुसार, पहले गेम के दौरान उनका संयम एक टर्निंग पॉइंट रहा। उन्होंने गेम पॉइंट्स को प्रभावी ढंग से बचाकर शुरुआती बढ़त बनाई।
कॉपर-लेवल जीत का प्रभाव
चेक ओपन वर्ल्ड स्क्वैश टूर पर एक PSA कॉपर-लेवल इवेंट है। ये टूर्नामेंट विशेष रूप से उन खिलाड़ियों को रैंकिंग पॉइंट और प्रतिस्पर्धी अनुभव देने के लिए बनाए गए हैं जो टॉप 20 या 30 रैंकिंग से बाहर हैं।
28 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह परिणाम करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह 2026 सीजन का उनका पांचवां खिताब है, जो अगस्त में आयोजित बुडापेस्ट ओपन में मिली उनकी पिछली कॉपर-लेवल सफलता के बाद आया है।
इस साल की उनकी उपलब्धियों में शामिल हैं:
- 2026 एशियाई खेलों में दो कांस्य पदक।
- 2026 सीजन के पांच खिताब।
यह निरंतरता भारतीय पुरुष स्क्वैश टीम में बढ़ती प्रतिभा को दर्शाती है। सेंथिलकुमार अब PSA टूर सर्किट पर अपनी इस लय को बनाए रखना चाहते हैं। ऑब्जर्वर यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या वह इस फॉर्म को ब्रोंज या सिल्वर लेवल के उच्च-स्तरीय इवेंट्स में बदल पाएंगे।
खेल प्रेमियों के लिए उनकी आधिकारिक रैंकिंग अपडेट मुख्य रुचि का विषय है। ब्रनो जीत के बाद कैलेंडर वर्ष के शेष समय के लिए किसी विशिष्ट योजना की पुष्टि नहीं की गई है। टॉप सीड को हराने की उनकी क्षमता यह साबित करती है कि वह दबाव में उच्च रैंक वाले प्रतिद्वंदियों के खिलाफ मुकाबला कर सकते हैं। भारतीय स्क्वैश प्रशंसक अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी अगली उपस्थिति का इंतजार कर रहे हैं।









