Skip to main content

Naradsamvad

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वामी शुकदेवानंद यूनिवर्सिटी में 75% उपस्थिति अनिवार्य की

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
2 Min Read

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को शाहजहाँपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद यूनिवर्सिटी का दौरा किया। उन्होंने छात्रों से शिक्षा को अपने चरित्र में उतारने का आग्रह किया ताकि वे राष्ट्रीय विकास में योगदान दे सकें।

Ad image

मुख्य द्वार पर कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, वित्त अधिकारी अर्चना त्रिपाठी और रजिस्ट्रार वी.के. मौर्य ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल ने कैंपस में स्थित स्वामी शुकदेवानंद के मंदिर में प्रार्थना की और पुष्प अर्पित किए।

विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और नियम

एक समीक्षा बैठक के दौरान कुलाधिपति पटेल ने विश्वविद्यालय को पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कक्षाओं में छात्रों की न्यूनतम 75% उपस्थिति अनिवार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

ALSO READ  अखिलेश यादव ने वाराणसी प्रशासन पर लगाया चुनाव नतीजों में गड़बड़ी का आरोप, मेट्रो और वरुणा नदी विकास का दिया वादा

उन्होंने एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग की, जिससे छात्र अपनी ग्रेडेड उत्तर पुस्तिकाओं की समीक्षा कर अपनी गलतियों से सीख सकें। इसके अलावा उन्होंने निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • कमजोर छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन प्रदान करना।
  • अभिभावकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना।
  • NAAC मान्यता के लिए तैयारियां शुरू करना।
ALSO READ  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद यूनिवर्सिटी का किया निरीक्षण

राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी के नए रीडिंग रूम और हाई-सिक्योरिटी कॉन्फिडेंशियल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने संस्थान को दुर्लभ पांडुलिपियों को संरक्षित करने और 100% किताबों को डिजिटल करने का निर्देश दिया।

छात्रों से संवाद और अन्य गतिविधियां

साइंस लैबोरेट्री के निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रों से बात की और उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने नशा मुक्ति प्रयासों को जन आंदोलन बनाने का भी आह्वान किया।

ALSO READ  बाराबंकी के BR हुंडई शोरूम में नई Hyundai BAYON SUV लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

सांस्कृतिक सत्र में छात्रों ने गरबा और कथक नृत्य प्रस्तुत किया। राज्यपाल ने तीन पुस्तकें जारी कीं और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया।

जाने से पहले उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती से शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुधीर एम. बॉबडे, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Search
अपना ज़िला चुनें
error: Content is protected !!