प्रसिद्ध कवि तबरेज मुरब्बा राणा ने शाहजहांपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक माहौल पर अपनी कविताओं के जरिए टिप्पणी की। अपने संबोधन के दौरान राणा ने वरिष्ठ राजनेता आजम खान के सामने आने वाली कानूनी चुनौतियों पर गहरी चिंता जताई और कहा कि उनके साथ लंबे समय से अन्याय हुआ है।
कवि ने अपनी कविताओं के माध्यम से आजम खान के खिलाफ दर्ज कई कानूनी मामलों की वैधता पर सवाल उठाए। राणा ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों तक स्थिति बदलनी चाहिए।
2027 चुनाव और नए चेहरों की जरूरत
उन्होंने कहा कि उनका वर्तमान ध्यान चुनावी भागीदारी के बजाय मुश्किल परिस्थितियों से निकलने पर है। राणा ने यह भी जोड़ा कि अब राजनीतिक क्षेत्र में नए चेहरों के उभरने का समय आ गया है।
यह चर्चा आजम खान के इर्द-गिर्द चल रहे व्यापक राजनीतिक संवाद का हिस्सा है, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्रीय व्यक्ति बने हुए हैं।
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल में खान से मुलाकात की थी।
- अखिलेश यादव ने खान परिवार पर दर्ज कानूनी मामलों की संख्या के लिए राज्य सरकार की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है।
- उन्होंने लगातार न्याय की मांग की है और कहा है कि पार्टी 2027 के आगामी चुनावों के लिए एकजुट है।
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की 2027 के चुनाव लड़ने की पात्रता को लेकर अभी भी गहन अटकलें और बहस जारी है।









