1 नवंबर 2026 को अहोई अष्टमी के शुभ अवसर पर मथुरा के राधा कुंड में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। क्षेत्र भर से निःसंतान दंपत्ति इस पवित्र स्थल पर पहुंचे, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि पवित्र कुंड में आधी रात को पारंपरिक स्नान करने से उन्हें संतान की प्राप्ति होगी।
श्रद्धालु प्रार्थना करने और अपनी मन्नतें पूरी करने के लिए राधा कुंड और श्याम कुंड दोनों की परिक्रमा भी कर रहे हैं।
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार के नेतृत्व में मथुरा जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 13 जोन और 31 सेक्टर में बांटा गया है।
- कुंड के चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है।
- हादसों को रोकने के लिए गोताखोर और वॉटर पुलिस तैनात किए गए हैं।
- ड्रोन और 40 CCTV कैमरों के नेटवर्क से निगरानी रखी जा रही है।
- श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए 5 बड़ी LED स्क्रीन और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए गए हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था और पाबंदियां
ट्रैफिक मैनेजमेंट के तहत राधा कुंड जाने वाले मुख्य रास्तों पर भारी वाहनों के लिए ‘नो एंट्री’ लागू की गई है। रविवार सुबह से पुलिस ने पहुंच मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए हैं, ताकि ट्रैफिक जाम न हो और पैदल चलने वालों को सुविधा मिले। दोपहिया और चार पहिया वाहनों को निर्धारित पार्किंग लॉट्स की ओर मोड़ा जा रहा है। फिलहाल कुंड के तत्काल क्षेत्र में केवल इमरजेंसी सेवाओं को ही प्रवेश दिया जा रहा है।









