बाराबंकी के रामनगर में रविवार को एक 45 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंजू गौतम की उनके घर के अंदर हत्या कर दी गई। यह घर रामनगर के महादेवा मंदिर से लगभग 100 मीटर दूर एक दलित बस्ती में स्थित है।
समई की बेटी मंजू, सूरतगंज विकास खंड के लोधौरा ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं और वह अकेली रहती थीं। रविवार शाम करीब 4:00 बजे बिंधौरा परसपुर की रहने वाली उनकी छोटी बहन वंदना गौतम ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी।
संपत्ति विवाद में हत्या का आरोप
वंदना गौतम ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है जिसमें उन्होंने अपने भाई संदीप और उसकी पत्नी शीतल पर हत्या का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, यह वारदात लंबे समय से चले आ रहे संपत्ति विवाद के कारण हुई है।
सूचना मिलने के बाद सीओ गरिमा पंत और एसएचओ अरुण प्रताप सिंह पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम तैनात की गई और पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ शुरू कर दी। एडिशनल एसपी विवेक तिवारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच की प्रगति की समीक्षा की।
जांच और पोस्टमार्टम
सीओ गरिमा पंत के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि मंजू शनिवार सुबह करीब 10:00 बजे आखिरी बार देखी गई थीं। शव की स्थिति से संकेत मिलता है कि वह काफी समय से वहां पड़ा था।
मृतका के सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे पुलिस को संदेह है कि उन्हें किसी भारी वस्तु से मारा गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले को सुलझाने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं।









