रामपुर में रातों-रात Azam Khan के नाम वाला एक बड़ा होर्डिंग लगाया गया है। इस डिस्प्ले में फिलिस्तीन का झंडा प्रमुखता से दिखाया गया है।
होर्डिंग पर लिखे शब्दों में यह चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार बदलती है, तो Azam Khan के खिलाफ हुए कथित उत्पीड़न के हर मामले का हिसाब किया जाएगा।
संगठित नेटवर्क और विवाद
रामपुर के सूत्रों का कहना है कि जिस ऊंचाई पर यह होर्डिंग लगाया गया है, वह एक ऐसे प्रभाव को दर्शाता है जो वर्तमान में विपक्षी हस्तियों के पास नहीं है। इससे इस कृत्य के पीछे एक बड़े संगठित सिस्टम होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
आलोचकों का मानना है कि फिलिस्तीन के झंडे का इस्तेमाल और भविष्य में बदले की धमकी एक उकसावे वाली रणनीति का हिस्सा है। यह वैसा ही है जैसे पहले Shivpal Yadav को लेकर पोस्टर और बैनर लगे थे, जिन्हें कथित तौर पर इसी नेटवर्क का समर्थन प्राप्त था।
इन डिस्प्ले के वित्तपोषण में सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग और इस अभियान के पीछे की संस्थाओं की व्यक्तिगत संलिप्तता को लेकर चिंताएं जताई गई हैं।









