बाराबंकी के रामनगर में आयोजित श्री राम कथा के दूसरे दिन वृंदावन से आए स्वामी अतुल कृष्ण भारद्वाज महाराज ने प्रवचन दिया। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने भगवान शिव और माता सती के जीवन पर मुख्य रूप से चर्चा की। यह आयोजन दोपहर 3:00 बजे शुरू हुआ और शाम 7:00 बजे मंगला आरती के साथ संपन्न हुआ।
महाराज ने कहा कि भगवान शिव का जीवन विवाहित जोड़ों के लिए गहरे सबक देता है। उन्होंने परिवारों से आग्रह किया कि वे विवादों को बढ़ाने के बजाय धैर्य, विवेक और आपसी समझ से सुलझाएं। उन्होंने रिश्तों में विश्वास, सम्मान और गरिमा के महत्व पर जोर दिया।
पारिवारिक जीवन और सामाजिक मर्यादा
आजकल के घरेलू तनावों पर बात करते हुए उन्होंने सलाह दी कि मतभेद होने पर जीवनसाथी को जिद्दी होने के बजाय स्नेह को प्राथमिकता देनी चाहिए। सामाजिक शिष्टाचार पर चर्चा करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि बिना निमंत्रण के कार्यक्रमों में जाने से अपमान हो सकता है।
उन्होंने स्वर्ग और नर्क को कर्मों का परिणाम बताया। उन्होंने आगाह किया कि भ्रष्टाचार और दुराचार के जरिए भौतिक धन की चाहत अशांति की ओर ले जाती है। कलियुग में जीवन जीने के लिए उन्होंने श्रीमद् भागवत और श्री रामचरितमानस के अध्ययन के साथ-साथ सत्संग करने की वकालत की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्चा संन्यास परिवार को छोड़ने में नहीं, बल्कि प्रेम और मूल्यों के जरिए अपने घर को ही एक आध्यात्मिक केंद्र बनाने में है।
- रानी मृणालिनी सिंह
- एसडीएम आकांक्षा गुप्ता
- चेयरमैन जगदीश गुप्ता
- रामशरण पाठक
- रविकान्त पांडे
- पवन ओझा
- निखिल पांडे
- अखिल पांडे
- आरके शुक्ला
- पंडित सोनू तिवारी
इन गणमान्य व्यक्तियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल हुए।









