बाराबंकी के सुमेरगंज, रामसनेही घाट में आयोजित विशाल माँ भगवती जागरण और दुर्गा पूजा उत्सव बहुत ही भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन के समापन पर देवी दुर्गा की प्रतिमा और पवित्र ज्योति का एक भव्य जुलूस पूरे कस्बे में निकाला गया।
जुलूस के बाद देवी दुर्गा की प्रतिमा को सभी धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ माँ कल्याणी नदी में विसर्जित किया गया। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान पूरा इलाका देवी के जयकारों और भक्तिमय मंत्रों से गूंज उठा था।
भक्तों का उत्साह और धार्मिक परंपराएं
प्रतिमा विसर्जन की इस यात्रा में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान छोटे बच्चों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और उत्साह दिखाया।
भक्तों ने पवित्र ज्योति के दर्शन किए और उनसे अपने जीवन में सुख, समृद्धि और कल्याण का आशीर्वाद मांगा। विसर्जन यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
डीजे की धुन पर नाचे श्रद्धालु
पूरे जुलूस के दौरान डीजे सिस्टम पर भक्ति गीत बजाए गए। इन गीतों की धुन पर सभी प्रतिभागी झूमते और नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे।
इस यात्रा का विवरण इस प्रकार रहा:
- विसर्जन यात्रा की शुरुआत सुमेरगंज से हुई।
- यहाँ से श्रद्धालु पैदल चलते हुए भिटरिया पहुंचे।
- अंत में यह यात्रा रामसनेही घाट पहुंची, जहाँ माँ कल्याणी नदी के तट पर विसर्जन किया गया।
देवी भगवती को दी गई भावभीनी विदाई
जब श्रद्धालु माँ भगवती को विदाई दे रहे थे, तब पूरे क्षेत्र में ऊर्जा और श्रद्धा का माहौल बना रहा। भक्तों ने देवी के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की।
सभी श्रद्धालुओं ने देवी भगवती के अगले वर्ष पुनः आने की कामना की और उन्हें पूरी श्रद्धा के साथ विसर्जित किया।









