शाहजहांपुर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए शुरू किया गया दुर्गा मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट एक साल बाद भी अधूरा है। इस परियोजना की शुरुआत नवंबर 2025 में की गई थी।
इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तय किया गया था। वित्त मंत्री Suresh Khanna के प्रयासों से इस कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी मिली थी।
योजना के अनुसार मंदिर के चारों ओर 300 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना था। हालांकि, अब तक केवल 90 मीटर सड़क ही बन पाई है, जिसका मतलब है कि आधे से ज्यादा काम अभी बाकी है।
निर्माण की गुणवत्ता और बिजली की समस्या
जो सड़क बनाई जा चुकी है, वह कई जगहों से अभी से खराब होने लगी है। इस वजह से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
प्रोजेक्ट के तहत लाखों रुपये की लागत से फैंसी लाइटें लगाई गई हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने के कारण वे चालू नहीं हो पाई हैं। कुछ लाइटें तो स्विच ऑन होने से पहले ही खराब हो गई हैं।
अतिक्रमण और प्रशासनिक चुनौतियां
कार्यकारी एजेंसी Awas Vikas Parishad के सहायक अभियंता Hemant Raj ने बताया कि काम रुकने का मुख्य कारण अतिक्रमण है। विभाग ने प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के लिए लगभग 12 पत्र भेजे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से मंडी रोड पर पुराने गेट के पास 1.5 से 2 मीटर जगह खाली कराने की जरूरत बताई है। Raj के अनुसार, मंदिर के पीछे कोयला बाजार से मुन्नुगंज गेट और मीठ मार्केट तक 100 मीटर सड़क का काम पूरा हो चुका है।
लेकिन मंदिर के दोनों मुख्य गेटों के पास निर्माण कार्य अभी भी लंबित है। एजेंसी का दावा है कि यदि प्रशासन जगह खाली करा देता है, तो बाकी काम एक हफ्ते में पूरा हो सकता है।
अधिकारियों ने इस बाधा के लिए नगर निगम और स्थानीय व्यापारियों से अपेक्षित सहयोग न मिलने को एक बड़ा कारण बताया है।









