तमिलनाडु के वेल्लोर में एक 52 वर्षीय रिटायर्ड भारतीय सेना अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। उन पर सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप जाल में फंसकर एक विदेशी नागरिक को रक्षा और सैन्य संबंधी गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लगा है।
पकड़े गए आरोपी की पहचान बाबू के रूप में हुई है। उन्होंने भारतीय सेना में 28 साल तक अपनी सेवा दी और एक साल पहले सेना के ऑर्डनेंस विभाग से कैप्टन के पद से रिटायर हुए थे।
रिटायरमेंट के बाद बाबू वेल्लोर जिले के कनियाम्बडी के पास स्थित अपने पैतृक गांव कीझवल्लम में रह रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुआ संपर्क
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत करीब एक साल पहले हुई थी। एक अज्ञात महिला ने व्हाट्सएप के जरिए बाबू से संपर्क किया था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि उस महिला ने पहले अश्लील बातचीत के जरिए पूर्व अधिकारी से करीबी संबंध बनाए और फिर उन पर सैन्य विवरण साझा करने का दबाव डाला।
गोपनीय जानकारी जुटाने का तरीका
जब बाबू के पास मांगी गई विशिष्ट जानकारी नहीं होती थी, तो वह उसे हासिल करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते थे। वह टेलीफोन के जरिए सेना के विभिन्न कार्यालयों से संपर्क करते थे ताकि मांगी गई जानकारी जुटाई जा सके।
इसके बाद वह उस डेटा को उस महिला तक पहुंचा देते थे। शक है कि पिछले एक साल के दौरान उन्होंने गोपनीय सैन्य खुफिया जानकारी और उपकरणों के स्पेसिफिकेशन लीक किए हैं।
जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
केंद्रीय खुफिया अधिकारियों ने पहले बाबू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद उन्हें वेल्लोर रूरल पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस इन मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रही है:
- संपर्क करने वाली महिला की पहचान करना।
- यह पता लगाना कि व्हाट्सएप अकाउंट कौन चला रहा था।
- यह जानना कि इस जासूसी में कोई विदेशी नागरिक या संगठन शामिल था या नहीं।
इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है।









