शाहजहाँपुर के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा के अवसर पर एक विशेष दर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर ठाकुर जी सफेद रंग के वस्त्र पहनेंगे और उनके हाथों में बांसुरी होगी।
यह खास दर्शन साल में केवल एक बार ही देखने को मिलता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर की उच्च शक्ति प्रबंधन समिति ने दर्शन के समय में बदलाव किया है।
सुबह और शाम दोनों समय दर्शन की अवधि को एक-एक घंटा बढ़ा दिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा भक्त दर्शन कर सकें।
दर्शन के समय में हुआ बदलाव
सेवायाद सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि भीड़ को मैनेज करने के लिए समय बढ़ाने का यह फैसला लिया गया है। रविवार को मंदिर के पट सुबह 7:45 बजे खुलेंगे और दोपहर 1:00 बजे बंद होंगे।
इससे पहले सुबह के दर्शन दोपहर 12:00 बजे ही समाप्त हो जाते थे। अब भक्तों को दोपहर में एक घंटा अतिरिक्त समय मिलेगा।
शाम के समय मंदिर 5:30 बजे खुलेगा और रात 10:30 बजे बंद होगा। पहले शाम के दर्शन रात 9:30 बजे बंद कर दिए जाते थे, लेकिन अब इसे एक घंटा बढ़ा दिया गया है।
धार्मिक मान्यता और विशेष श्रृंगार
परंपरा के अनुसार यह माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात को भगवान श्री कृष्ण ने वंशीवट पर गोपियों के साथ महा रास किया था। इसी घटना की याद में ठाकुर बांके बिहारी हाथ में बांसुरी लेकर भक्तों को दर्शन देते हैं।
सेवायाद श्रीनाथ गोस्वामी ने जानकारी दी कि इस दिन विग्रह को सफेद पोशाक पहनाई जाएगी। भक्त ठाकुर जी को मंदिर के जगमोहन में एक दिव्य सिंहासन पर विराजमान देखेंगे।
शरद पूर्णिमा की उज्जवल चांदनी के बीच यह दर्शन भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव होगा। इस विशेष आयोजन के लिए मंदिर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।









