भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने चुनाव में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मिलने की INDIA गठबंधन की आधिकारिक मांग को खारिज कर दिया है। विपक्षी गठबंधन ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा करना चाहा था।
इस मुलाकात के जरिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी करना चाहता था। CJI सूर्यकांत ने पुष्टि की कि उन्हें विपक्षी प्रतिनिधिमंडल का पत्र मिला था और उन्होंने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 की रात को इसका जवाब दिया।
बैठक से इनकार का कारण और कानूनी सलाह
अपने जवाब में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि वह यह बैठक करने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि उठाए गए मुद्दे पहले से ही विचाराधीन हैं और उन पर न्यायिक विचार किया जा रहा है।
CJI ने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक स्तर पर इन मामलों पर चर्चा करना उनके लिए उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट राजनीतिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ ऐसी बैठकें करने के लिए अधिकृत नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश ने गठबंधन को सलाह दी कि वे अपनी शिकायतों को औपचारिक कानूनी याचिकाओं के माध्यम से उठाएं। उन्होंने दोहराया कि कानून के अनुसार सभी नागरिकों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की बात सुनने के लिए अदालत हमेशा खुली है।
विपक्ष का विरोध और सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च
CJI के इनकार के बावजूद INDIA गठबंधन के नेताओं ने अपने विरोध को जारी रखने का फैसला किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट की ओर नियोजित मार्च निकालने का निर्णय लिया।
राहुल गांधी ने पहले ही आम नागरिकों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। गठबंधन लगातार मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहा है।
- गठबंधन ने इन मुद्दों के संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा था।
- इस मामले में किए गए कई विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस हस्तक्षेप भी हुआ है।









