कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के लक्ष्मणखेड़ा गांव में पुलिस ने एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत के मामले में उसकी पत्नी और भतीजे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में रीना पासवान और उसके भतीजे सतीश पासवान को हिरासत में लिया है।
पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना रीना पासवान और सतीश पासवान के बीच चल रहे अवैध संबंधों से जुड़ी है। रीना ने अपने प्रेमी और भतीजे के साथ मिलकर अपने पति धीरेंद्र पासवान की हत्या की योजना बनाई थी।
जांच में सामने आया कि धीरेंद्र पासवान को अपनी पत्नी और भतीजे के रिश्तों के बारे में पता चल गया था। वह अपने घर में CCTV कैमरे लगवाने की योजना बना रहा था, जिससे घबराकर आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया।
सोते समय सिर पर वार कर ली जान
पुलिस जांच के अनुसार, 10 मई की रात को रीना ने धीरेंद्र के खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं। जब धीरेंद्र बेहोश हो गया, तब रीना ने सतीश को घर बुला लिया।
दोनों ने मिलकर बेहोश धीरेंद्र के सिर पर लकड़ी के भारी गुटके से जोरदार हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को घर के पीछे एक खाट पर रख दिया।
साक्ष्यों को मिटाने के लिए आरोपियों ने घटनास्थल से खून के धब्बों को साफ करने की कोशिश भी की। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए लकड़ी के गुटके को सबूत के तौर पर बरामद कर लिया है।
झूठे आरोप और कॉल रिकॉर्ड से खुला राज
शुरुआत में रीना ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया। इस वजह से पुलिस ने कई स्थानीय निवासियों से पूछताछ भी की।
हालांकि, जांच अधिकारियों ने पाया कि रीना के बयानों और घटनास्थल से मिले फॉरेंसिक सबूतों में काफी अंतर था। इसके बाद पुलिस ने अपना ध्यान रीना और सतीश के संबंधों की ओर मोड़ा।
मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच से पता चला कि रीना और सतीश के बीच लगातार बातचीत हो रही थी। घटना वाली रात को भी उनके बीच कई बार फोन पर बात हुई थी।
दो सिम कार्ड का इस्तेमाल और गिरफ्तारी
पुलिस ने पाया कि सतीश संपर्क बनाए रखने के लिए दो अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था। सबूतों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोषी होने का अंतिम निर्धारण अब अदालत द्वारा किया जाएगा।









