बाराबंकी के रामसनेहीघाट स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की रामपुर शाखा में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (धर्मेंद्र गुट) के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष DNS Tyagi ने मंगलवार को बैंक परिसर में भूख हड़ताल शुरू की।
यह कदम प्रशासन द्वारा एक सात सूत्रीय ज्ञापन पर कोई जवाब न मिलने के बाद उठाया गया है। DNS Tyagi और उनके समर्थकों ने बैंक परिसर में धरना दिया है ताकि उनकी मांगों पर गौर किया जा सके।
प्रशासन को दी गई थी भूख हड़ताल की चेतावनी
DNS Tyagi ने बताया कि उन्होंने 21 सितंबर 2026 को रामसनेहीघाट के उप-जिलाधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा था। यह ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट के लिए था जिसमें सात मुख्य मुद्दों को उठाया गया था।
इस दस्तावेज़ में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो 28 सितंबर से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। हालांकि, एक अन्य पूर्व निर्धारित बैंक हड़ताल के कारण इस आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था।
अधिकारियों की चुप्पी और आंदोलन का निर्णय
इसके बाद 1 अक्टूबर को रामसनेहीघाट के SDM को एक और पत्र भेजा गया। इस पत्र में एक बार फिर समाधान की मांग दोहराई गई और नोटिस दिया गया कि मंगलवार से पंजाब एंड सिंध बैंक की रामपुर शाखा में भूख हड़ताल शुरू होगी।
Tyagi के अनुसार, चेतावनी दिए जाने के बावजूद किसी भी सक्षम अधिकारी ने उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया। प्रशासनिक कार्रवाई न होने के कारण Tyagi और उनके समर्थकों ने बैंक शाखा में भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया।
निष्पक्ष जांच और समर्थकों की उपस्थिति
DNS Tyagi ने khẳng định किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी शिकायतों का समाधान नहीं हो जाता। उन्होंने बैंक की कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भूख हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित समर्थक शामिल थे:
- मायाराम यादव
- फूलचंद आचार्य
- फतेह बहादुर वर्मा
- निर्मला शुक्ला
- रामधीरज शुक्ला
- शिवकुमार
- अनिल तिवारी
- दिनेश कुमार
- राकेश कुमार
- शुभम शुक्ला
- दयानंद शुक्ला
इन लोगों के अलावा बड़ी संख्या में अन्य लोग भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और बैंक में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई।

























