लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को मजदूरों के आवास कक्षों में भीषण आग लग गई। स्थानीय स्तर पर इसे लेबर रूम कहा जाता है, जहाँ यह बड़ी घटना हुई।
आग इतनी भीषण थी कि आसमान में धुएं के गुबार उठने लगे। यह धुआं कई किलोमीटर दूर से ही साफ देखा जा सकता था, जिससे इलाके में तुरंत अफरा-तफरी मच गई और लोग घबरा गए।
PVC पैनलों के कारण तेजी से फैली आग
आवास सुविधा का निर्माण PVC पैनलों का इस्तेमाल करके किया गया था। इन पैनलों की वजह से आग बहुत तेजी से फैली और देखते ही देखते पूरी हाउसिंग फैसिलिटी की चपेट में आ गई।
आग की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम के जवान वहां पहुंचे। साथ ही सरोजिनी नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को संभालने की कोशिश की।
दमकल विभाग की कार्रवाई और नुकसान का आकलन
आग पर काबू पाने के लिए फायर विभाग ने मौके पर सात फायर टेंडर भेजे। आग बुझाने की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।
फायर स्टेशन के इंचार्ज सुमित सिंह ने पुष्टि की है कि दमकल कर्मियों ने आग की लपटों को सफलतापूर्वक काबू कर लिया है।
इस पूरी घटना के बाद अब प्रशासन जांच और आकलन कर रहा है। अधिकारियों द्वारा निम्नलिखित बिंदुओं पर काम किया जा रहा है:
- आग लगने के सटीक कारण का पता लगाना।
- संपत्ति को हुए कुल नुकसान का आकलन करना।
शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में कोई भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है और कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ है।

























