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सीतापुर में पत्रकारों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, नए मीडिया कमीशन और वेतन बोर्ड की मांग

सीतापुर के बिसवन में दर्जनों पत्रकारों ने ‘मांग दिवस’ मनाया। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिला अध्यक्ष सिराज अहमद के नेतृत्व में पत्रकारों ने जिला मजिस्ट्रेट डॉ. राजा गणपति आर. को एक ज्ञापन सौंपा।

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यह ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित किया गया था। इसमें मीडिया कर्मियों के कल्याण से जुड़ी छह प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा गया है।

यूनियन ने एक नए मीडिया कमीशन की तत्काल स्थापना की मांग की है। इस कमीशन का काम आधुनिक पत्रकारिता के महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करना होगा।

मीडिया कमीशन और सुरक्षा कानून की जरूरत

पत्रकारों ने मांग की है कि नए मीडिया कमीशन के जरिए मीडिया स्वामित्व के संकेंद्रण, नियामक ढांचे, डिजिटल राजस्व धाराओं और नैतिक मानकों जैसे विषयों पर विचार किया जाए।

ज्ञापन में देश भर के पत्रकारों द्वारा झेले जा रहे पेशेवर जोखिमों का जिक्र किया गया है। इसमें शारीरिक हिंसा, दुर्भावनापूर्ण मुकदमे और डिजिटल उत्पीड़न जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है।

यूनियन ने आग्रह किया है कि पत्रकारों और समाचार संगठनों की शारीरिक सुरक्षा और कानूनी संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष केंद्रीय कानून बनाया जाए। इससे पत्रकार बिना किसी डर या प्रतिशोध के अपने लोकतांत्रिक कर्तव्यों को पूरा कर सकेंगे।

वेतन बोर्ड और कानूनी अधिकारों की मांग

पत्रकारों ने नौकरी की सुरक्षा, सेवा शर्तों और शिकायत निवारण से जुड़े कानूनी अधिकारों की बहाली की मांग की है। उनका कहना है कि नए श्रम कानूनों के कारण इन अधिकारों पर असर पड़ा है।

मुआवजे के मुद्दे पर ज्ञापन में बताया गया कि 2007 में माजिठिया वेतन बोर्ड का गठन हुआ था और अब इसे लगभग दो दशक बीत चुके हैं। पत्रकारों और गैर-पत्रकार मीडिया कर्मचारियों की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत के हिसाब से समय-समय पर वेतन संशोधन किए गए हैं। इसलिए एक नए वेतन बोर्ड का गठन जरूरी है।

जांच और मुआवजे के लिए शर्तें

यूनियन ने अपनी मांगों में कुछ अन्य महत्वपूर्ण बिंदु भी शामिल किए हैं:

  • किसी भी पत्रकार के खिलाफ बिना प्रारंभिक जांच के आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए।
  • मामलों में बिना जांच के तुरंत गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए।
  • राज्य सरकार ड्यूटी के दौरान मारे गए या घायल हुए पत्रकारों के लिए मुआवजे की एक निश्चित राशि तय करे।

इस प्रदर्शन में संगठन के कई सदस्य और पत्रकार शामिल हुए। इनमें आर.एन. सिंह, आर.के. सिंह, हरिशंकर गुप्ता, अतुल त्रिवेदी, वहजुद्दीन गौरी, संतोष कुमार कठेरिया, अनुज श्रीवास्तव, इमादुद्दीन गौरी, हिफाजतुल्लाह, अनवर अली सिद्दीकी, श्रीवास्तव, मिस्बाहुद्दीन, अमित जायसवाल, फहीम जमाई, पंकज भारती और जितेंद्र कुमार मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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