Skip to main content

Naradsamvad

ब्रेकिंग न्यूज़
अमेठी के रामघाट मेले में शरद पूर्णिमा पर उमड़ेगी भीड़, सैकड़ों दुर्गा मूर्तियों का होगा विसर्जन बाराबंकी के ग्राम प्रधान निसार मेहंदी की सराहना, सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्र लिखकर सराहा ब्रजभूषण शरण सिंह ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर साधा निशाना, कहा कांग्रेस को मिलनी चाहिए सिर्फ 25 सीटें लद्दाख बना भारत का पहला 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक केंद्र शासित प्रदेश, रासायनिक खाद पर लगा पूर्ण प्रतिबंध अमेठी में इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, ट्रेन मैनेजर हुए थे घायल उत्तर प्रदेश में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर 26 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित, स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद

अखिलेश यादव का वादा: सत्ता में लौटते ही खत्म होगी आउटसोर्सिंग, आएगा भर्ती कैलेंडर

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
3 Min Read

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 3 अक्टूबर, 2026 को ‘PDA संकल्प Gen-Z संवाद’ कार्यक्रम के दौरान युवाओं के लिए कई बड़े वादे किए। उन्होंने कहा कि वह आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर देंगे।

Ad image

अखिलेश यादव का दावा है कि आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों का शोषण किया जाता है और उन्हें स्थायी नौकरी नहीं दी जाती है। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी सत्ता में वापस आने पर इस व्यवस्था को हटा देगी।

उन्होंने यह भी वादा किया कि सरकार में आने के बाद वह बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इसके लिए परीक्षाओं और नियुक्तियों के लिए एक निश्चित और समयबद्ध वार्षिक कैलेंडर लागू किया जाएगा।

ALSO READ  चुनाव आयोग ने SIR सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से किया इनकार, RTI आवेदन पर दिया जवाब

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार के कदम

अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि इस ढांचागत बदलाव से छात्रों को होने वाली परेशानियों और मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति मिलेगी। वह भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।

पारदर्शिता लाने के लिए वह निम्नलिखित कदम उठाएंगे:

  • छात्रों को उनकी विस्तृत मार्क शीट (detailed mark sheets) उपलब्ध कराई जाएगी।
  • क्वेश्चन पेपर लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए जाएंगे।
ALSO READ  मोरादाबाद के दिग्गज वाल्मीकि नेता लल्ला बाबू द्रविड़ का निधन, शोक में स्थगित हुए जयंती कार्यक्रम

इस घोषणा के बाद से राजनीतिक गलियारों में बहस शुरू हो गई है। कार्यक्रम के दौरान मशहूर शिक्षाविद् नीतू सिंह ने अखिलेश यादव के इस प्रस्ताव की सराहना की।

नीतू सिंह ने वर्तमान प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि भर्ती कैलेंडर की कमी और व्यवस्था की खामियों के कारण अक्सर कानूनी चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं।

भाजपा और सपा के बीच तीखी बहस

समाजवादी पार्टी के इन दावों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने सपा पर गंभीर आरोप लगाए।

ALSO READ  अमेठी में इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, ट्रेन मैनेजर हुए थे घायल

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच समाजवादी पार्टी के शासनकाल में सरकारी नौकरियां ‘नीलामी’ के जरिए दी जाती थीं। उन्होंने कहा कि उस समय नौकरियों के लिए पहले से तय रेट तय किए गए थे।

इन आरोपों का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर पलटवार किया। उन्होंने वर्तमान प्रशासन की मानसिकता को ‘रूढ़िवादी’ बताया और कहा कि ऐसी सोच शिक्षा प्रणाली की प्रगति में बाधा डालती है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!