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सनी गुप्ता, संभल53 मिनट पहले
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संभल की बावड़ी में वाटरप्रूफ टेंट के साथ रोशनी की भी व्यवस्था की गई।
संभल की 150 साल पुरानी बावड़ी को बारिश के मौसम से संरक्षित करने के लिए जहां वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया है। वहीं रात में कोई घटना घटित ना हो इसके लिए रोशनी की भी व्यवस्था की गई है। हालांकि वाटरप्रूफ टेंट लगाने से पहले बावड़ी के ऊपर टीन शेड बनाया जाना था, लेकिन पिलर कमजोर होने की वजह से ऐसा नहीं हुआ। सुरक्षा की दृष्टि से बावड़ी के आस-पास पीएसी-पुलिस को तैनात किया गया है एवं चौकीदारी के लिए नगर पालिका के संविदा कर्मचारियों को लगाया गया है।
सोमवार को जनपद संभल की कोतवाली चंदौसी क्षेत्र के मौहल्ला लक्ष्मणगंज स्थित 150 साल पुरानी बावड़ी पर वाटरप्रूफ टेंट लगने के बाद रात में कोई घटना घटित ना हो इसके लिए रोशनी की व्यवस्था की गई है। आपको बता दें कि बीती 21 दिसंबर को चंदौसी शहर के रहने वाले कौशल किशोर वंदे मातरम् ने संपूर्ण समाधान दिवस में बावड़ी पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी।

संभल की 150 साल पुरानी बावड़ी में लाइट लगी।
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर नगर पालिका परिषद चंदौसी ने बावड़ी की साफ सफाई करने के साथ ही खुदाई का काम शुरू किया तो एक प्राचीन बावड़ी निकलकर सामने आई, डीएम के पत्राचार के बाद ASI की टीम ने इसका कई बार निरीक्षण किया। बावड़ी की खुदाई के काम के दौरान जब दूसरे तल का हिस्सा सामने आया तो काफी कमजोर था जिसकी वजह से ASI ने काम को रुकवा दिया था।
डीएम ने पहले नगर पालिका परिषद चंदौसी को टीन शेड बनाने के लिए निर्देशित किया था लेकिन दूसरे तल के पिलर में दरार होने के कारण बरसात के मौसम से बचने के लिए बावड़ी को वाटरप्रूफ टेंट लगाकर संरक्षित किया गया है। डीएम-एसपी ने बावड़ी का निरीक्षण किया था।
डीएम ने कहा था कि मरम्मत के काम को करने के बाद आगे की खुदाई का काम शुरू किया जाएगा। हालांकि बावड़ी की ओर भारी कोई व्यक्ति न जाएं इसके लिए नगर पालिका परिषद चंदौसी के संविदा कर्मचारियों से लेकर पुलिस और पीएसी को भी तैनात किया गया है।
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