उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने स्थानीय पुलिस के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर श्रावस्ती की एक बंद राइस मिल में चल रहे अंतर-जनपदीय जाली मुद्रा गिरोह का पर्दाफाश किया है। 5 नवंबर, 2026 की रात को सोनवा थाना क्षेत्र के भिटिया चिछड़ी गांव स्थित गिरिराज राइस मिल में यह छापेमारी की गई।
मौके से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बहराइच के शिवनगर निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल, श्रावस्ती के लालबोझी निवासी नरेंद्र कुमार चौरसिया और श्रावस्ती के भगवानपुर बंकात निवासी व्रजेंद्र गोस्वामी शामिल हैं।
नकली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद
ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने कुल 1,74,000 रुपये की नकली मुद्रा जब्त की है। इसमें 500 रुपये के 223 नोट, 200 रुपये के 44 नोट और 100 रुपये के 537 नोट शामिल हैं।
पुलिस ने प्रिंटिंग उपकरणों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:
- कैनन कलर प्रिंटर और इंक रिफिल
- बॉन्ड पेपर
- नोट काटने के लिए डाइज, कटर ब्लेड और कैंची
जांच में पता चला कि प्रिंटिंग उपकरण लखनऊ के लालबाग स्थित एक कैनन एजेंसी से खरीदे गए थे।
दिवाली पर बाजार में चलाने की थी योजना
सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस राहुल भाटी के अनुसार, यह गिरोह दिवाली के त्योहार के दौरान स्थानीय बाजार में नकली नोट चलाने की योजना बना रहा था। यह समूह 3 लाख रुपये के नकली नोटों के बदले 1 लाख रुपये असली मुद्रा देने का वादा कर ग्राहकों को लुभा रहा था।
पूछताछ के दौरान मुख्य संदिग्ध ने खुलासा किया कि उसने मुंबई में रहने के दौरान यूट्यूब के जरिए प्रिंटिंग तकनीक सीखी थी। इस पूरे ऑपरेशन का पर्यवेक्षण लखनऊ स्थित STF मुख्यालय के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अमित कुमार नगर ने किया, जिसमें सोनवा थाना प्रभारी विशुंदेव पांडे और उनकी टीम शामिल थी। कानून प्रवर्तन अधिकारी अब गिरोह के व्यापक नेटवर्क और पिछले लेन-देन की जांच कर रहे हैं।









