वाराणसी के पहरिया मंडी मतगणना केंद्र पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद BJP कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। पार्टी सदस्यों द्वारा स्थानीय पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया, जिससे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना कुछ समय के लिए रुक गई।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में Samajwadi Party (SP) के उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने BJP के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को लगभग 4,900 वोटों के अंतर से हराया। यादव ने लगातार दूसरी बार अपनी सीट बरकरार रखी और उन्हें 10,958 वोट मिले, जबकि मिश्रा को 6,060 वोट मिले।
स्नातक सीट और चुनाव प्रक्रिया
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर पांचवें दौर की गिनती के बाद SP उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने BJP के केदारनाथ सिंह पर 12,662 वोटों की बढ़त बनाए रखी है। स्नातक सीट श्रेणी में SP की लगातार बढ़त की खबरों के बाद ही यह हंगामा हुआ।
11 सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया 23 अक्टूबर को शुरू हुई थी। मतों की गिनती 27 अक्टूबर, 2026 को सुबह 8:00 बजे लाल बहादुर शास्त्री नवीन मंडी परिसर में शुरू हुई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, जिसमें CCTV निगरानी और वीडियोग्राफी शामिल थी।
नेताओं की प्रतिक्रिया और परिणाम
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि BJP भविष्य के चुनावों से पहले प्रदर्शन की कमियों को दूर करने के लिए परिणामों की औपचारिक समीक्षा करेगी। उन्होंने उल्लेख किया कि SP ने अप्रत्याशित क्षेत्रों में जीत हासिल की है।
दूसरी ओर, SP प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक जश्न न मनाने का निर्देश दिया। उन्होंने उन्हें सोशल मीडिया के जरिए संवाद करने और संभावित उकसावे के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में हुए इन चुनावों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना माना जा रहा है। कुल 11 MLC सीटों में से BJP ने छह जीत हासिल की है, जबकि Samajwadi Party ने चार सीटें जीती हैं। बाकी सीटों की गिनती जारी है।









