बाराबंकी के रामनगर में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के सदस्यों ने रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती बहुत उत्साह के साथ मनाई। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद के जिला सचिव राहुल कुमार ने की। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दीप जलाकर उन्हें याद किया।
सामाजिक सद्भाव और ज्ञान का संदेश
राहुल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने न केवल रामायण की रचना की, बल्कि वे सामाजिक सद्भाव के मुख्य संदेशवाहक भी थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वाल्मीकि ने समाज के पिछड़े वर्गों को ज्ञान के शिखर तक पहुँचाकर यह साबित किया कि ज्ञान जाति से नहीं बल्कि कर्मों से प्राप्त होता है।
उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज तभी एकता प्राप्त कर सकता है जब वह उस कवि के आदर्शों पर चले, जिन्होंने भगवान राम के चरित्र को आम जनता तक पहुँचाया।
धार्मिक अनुष्ठान और सम्मान समारोह
इस अवसर पर कई धार्मिक गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और हवन की विधि पूरी की गई। इसके साथ ही भजन-कीर्तन हुए और उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद बांटा गया।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने वाल्मीकि मंदिर समिति के अध्यक्ष राजू वाल्मीकि को सम्मानित किया। उनके साथ अमित वाल्मीकि, विनय वाल्मीकि और करण को अंगवस्त्रम भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
सांस्कृतिक जागरूकता और उपस्थित सदस्य
आयोजकों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सांप्रदायिक सद्भाव, एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने का काम करते हैं।
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग शामिल हुए, जिनमें निम्नलिखित सदस्य मौजूद थे:
- संत स्वामी कृष्णानंद महाराज
- रामकांत वर्मा और एसपी शुक्ला
- गुड्डू सोनी और श्रीकांत मिश्रा
- गोलू त्रिपाठी और अधिवक्ता दिव्य प्रकाश शुक्ला
- विमल त्रिवेदी और सनी मिश्रा
- सरवन कुमार, करण कुमार वर्मा और पवन
इन सभी सदस्यों के साथ-साथ कई अन्य अधिकारी और स्वयंसेवक भी इस आयोजन का हिस्सा बने।









