उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में दहेज की मांग को लेकर एक विवाहिता की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है। मृतका की पहचान प्राची तिवारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बाराबंकी जिले के उखरी गांव की रहने वाली थीं।
प्राची तिवारी के ससुराल वालों पर उन पर लगातार दहेज की मांग करने और फिर उनकी हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। यह पूरी घटना सीतापुर जिले के महमूदाबाद इलाके की बताई जा रही है।
शादी और दहेज की मांग का विवरण
प्राची तिवारी देवा कोतवाली थाना क्षेत्र के उखरी गांव के निवासी अनिल कुमार तिवारी की बेटी थीं। उनकी शादी 13 फरवरी 2026 को कमल किशोर के साथ हुई थी, जो सीतापुर के महमूदाबाद स्थित मरहमट नगर के निवासी विसुन कुमार मिश्रा के बेटे हैं।
पीड़ित परिवार के अनुसार, शादी के समय उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार दहेज दिया था। इस दौरान उन्होंने निम्नलिखित सामान दिए थे:
- एक चार पहिया वाहन (फोर व्हीलर)
- सोने-चांदी के जेवर
- विभिन्न प्रकार के अन्य उपहार
परिवार का कहना है कि शादी के बाद भी ससुराल वालों की लालसा खत्म नहीं हुई। उन्होंने बाद की मांगों को पूरा करने के बावजूद अतिरिक्त 10 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी थी।
मृत शरीर की स्थिति और पुलिस कार्रवाई
22 अक्टूबर 2026 की देर शाम प्राची के परिवार को सूचना मिली कि उनकी बेटी की मृत्यु हो गई है। जब उसके माता-पिता मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने प्राची का शव बरामदे में पड़ा हुआ पाया।
परिजनों के मुताबिक, शव में अकड़न आ चुकी थी, जिससे यह संकेत मिला कि उनकी मौत कई घंटे पहले ही हो चुकी थी। शरीर पर चोट के निशान भी देखे गए, जिसमें गर्दन पर गंभीर चोट शामिल थी।
परिवार ने आरोप लगाया है कि प्राची का गला किसी भारी वस्तु या डंडे जैसे साधन से घोंटकर उनकी जान ली गई है। इस मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
हालांकि, मृतका के परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस अब तक संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।









