दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में Union Public Service Commission (UPSC) की परीक्षा की तैयारी कर रहे आंध्र प्रदेश के एक 25 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली है। यह छात्र दिल्ली के इसी इलाके में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था।
Delhi Police ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फिलहाल आगे की जानकारी का इंतजार है।
राजेंद्र नगर में छात्रों की आत्महत्या का सिलसिला
राजेंद्र नगर का यह इलाका UPSC कोचिंग का मुख्य केंद्र बन चुका है, लेकिन यहाँ छात्रों की मौतों का एक सिलसिला चलता आ रहा है। अगस्त 2024 में महाराष्ट्र की रहने वाली एक छात्रा Anjali ने आत्महत्या की थी।
Anjali ने अपनी आत्महत्या के कारणों में मानसिक तनाव, पहली ही कोशिश में परीक्षा पास करने का दबाव और रहने के खर्चों का बहुत ज्यादा होना बताया था।
इसके बाद जुलाई 2025 में जम्मू के 25 वर्षीय Tarun Thakur ने अपनी जान दे दी। वहीं अगस्त 2025 में एक अन्य 20 वर्षीय UPSC अभ्यर्थी ने भी आत्महत्या की, जिसकी पहचान नहीं हो पाई थी।
मानसिक प्रताड़ना और सुरक्षा की चिंताएं
नवंबर 2025 में एक 16 साल के छात्र ने राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पर आत्महत्या कर ली। इस मामले में छात्र के शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे।
इस इलाके में छात्रों की सुरक्षा और उनके कल्याण को लेकर लोग काफी चिंतित हैं। यह चिंता जुलाई 2024 की उस दुखद घटना के बाद और बढ़ गई, जिसमें एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन UPSC उम्मीदवारों की डूबने से मौत हो गई थी।
PG और आवास की बदहाल स्थिति
सितंबर 2026 में NDTV की एक जांच में सामने आया कि हालांकि कुछ कोचिंग सेंटरों ने सुरक्षा में सुधार किया है, लेकिन छात्रों के रहने की जगहों यानी PGs में संकट अब भी बना हुआ है।
छात्रों ने अपनी समस्याओं के बारे में बताया है, जिनमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल हैं:
- रहने के लिए खतरनाक और असुरक्षित हालात।
- कमरों का बहुत ज्यादा किराया।
- PG मालिकों द्वारा छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और प्रताड़ना।
इन गंभीर हालातों के कारण स्थानीय अधिकारियों द्वारा सख्त नियमों को लागू करने और निगरानी बढ़ाने की मांग फिर से उठने लगी है।

























