भाजपा नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 18 अक्टूबर 2026 को अपने एक पुराने बयान पर स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने पहले यह दावा किया था कि मुस्लिमों ने उन्हें गोली मारी थी और फिर मुस्लिमों ने ही उन्हें बचाने का काम किया।
सिंह ने बताया कि यह बात उन्होंने अपने गहरे व्यक्तिगत दर्द की वजह से कही थी। उनका मकसद गोंडा की एक खास घटना को याद करना था, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग हमलावर भी थे और उनके मददगार भी थे।
उन्होंने यह भी कहा कि बचपन से लेकर अब तक के उनके जीवन के अनुभवों ने ही उनके इन विचारों को गढ़ा है। इस स्पष्टीकरण के साथ ही उन्होंने राजनीतिक हमले भी किए।
राहुल गांधी और विपक्ष पर साधा निशाना
बृजभूषण शरण सिंह ने इस मंच का इस्तेमाल कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूरे विपक्षी गठबंधन की आलोचना करने के लिए किया। उन्होंने इन राजनीतिक दलों पर गंभीर आरोप लगाए।
सिंह ने दावा किया कि ये राजनीतिक संस्थाएं राष्ट्रविरोधी विचारधाराओं का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष संवैधानिक संस्थानों की गरिमा और अखंडता को चुनौती दे रहा है।
अक्टूबर महीने के विवादित बयान
यह बयान अक्टूबर 2026 के दौरान सिंह द्वारा दिए गए कई विवादित बयानों की एक कड़ी है। इससे पहले 17 अक्टूबर को उन्होंने पंजाब में ड्रग्स के संकट पर अपनी टिप्पणी की थी।
इसी दौरान उन्होंने यह दावा भी किया कि कोई भी ताकत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नुकसान नहीं पहुँचा सकती। उनके बयानों का सिलसिला इसी तरह जारी रहा।
इसके अलावा 15 और 16 अक्टूबर 2026 के बीच उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने इसे एक विदेशी साजिश बताया जिसमें एलन मस्क शामिल थे।
सिंह ने विशेष रूप से राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाली मार्च को इस कथित अंतरराष्ट्रीय साजिश से जोड़ा।
पुराने बयानों का इतिहास
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयानों को लेकर विवादों भरा इतिहास रहा है। उनके हालिया बयानों से पहले मार्च 2026 में भी वे चर्चा में रहे थे।
उस समय उन्होंने मुस्लिमों और सवर्णों दोनों को देश का विलेन बताया था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल हुई थी और व्यापक बहस छिड़ गई थी।

























