केंद्रीय रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनसे समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव को पद्म विभूषण देने के सरकार के फैसले पर सवाल पूछा गया।
एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि बीजेपी सरकार ने मुलायम सिंह यादव को यह सम्मान क्यों दिया। रिपोर्टर ने इस सवाल के साथ उन विवादों का जिक्र किया, जिनमें ‘कर सेवकों’ पर फायरिंग के आदेशों के दौरान उनकी भूमिका की बात कही गई थी।
रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया और जवाब
सवाल सुनने के बाद राजनाथ सिंह ने पहले तो कार्यक्रम को खत्म करने की तैयारी की, लेकिन वह वापस अपनी सीट पर लौट आए। उन्होंने पास में बैठे उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी से सलाह ली।
बातचीत के दौरान उन्होंने “एक मिनट” कहा और फिर टिप्पणी की कि इस फैसले के पीछे “कई कारण” थे। इसके बाद उन्होंने संक्षिप्त रूप में “बहुत-बहुत धन्यवाद” कहा और बातचीत को समाप्त कर दिया। मीडिया रिपोर्टों में उनके इस जवाब को मुद्दे से बचने के तौर पर देखा गया।
पद्म विभूषण सम्मान और प्राप्ति
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को सार्वजनिक सेवा में उनके योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया गया था। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है।
इस सम्मान की घोषणा 26 जनवरी 2023 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई थी। 5 अप्रैल 2023 को उनके बेटे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह सम्मान प्राप्त किया।
सपा नेताओं की असंतुष्टि और मांग
साल 2023 में पुरस्कार की पहली घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। स्वामी प्रसाद मौर्य और आई.पी. सिंह जैसे नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी असंतुष्टि जताई थी।
इन नेताओं का तर्क था कि पद्म विभूषण मुलायम सिंह यादव के कद के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की थी कि उन्हें पद्म विभूषण के बजाय भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।

























