उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 15 अक्टूबर, 2026 को Mirzapur और Prayagraj के अपने दौरों के दौरान Samajwadi Party (SP) की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि SP के शासन के चार कार्यकाल के दौरान राज्य को सुरक्षा, विकास और अपनी बुनियादी पहचान को लेकर लगातार संकटों का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने पूर्व की SP सरकार को परिवार और माफिया हस्तियों के प्रभुत्व वाला काल बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पार्टी राज्य की प्रगति के रास्ते में एक बाधा बनकर खड़ी रही थी।
विकास और कानून व्यवस्था की तुलना
Yogi Adityanath ने पिछले शासनकाल की कथित अराजकता की तुलना अपनी सरकार के रिकॉर्ड से की। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के दौरान कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार हुए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि उनके प्रशासन ने नई यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए हैं। Mirzapur डिवीजन में इन सुविधाओं का विस्तार किया गया है और रोजगार के लिए भर्ती की प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है।
धार्मिक उत्सव और सामाजिक न्याय पर आरोप
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि SP शासन के दौरान नवरात्रि जैसे धार्मिक उत्सवों में काफी बाधाएं आती थीं। उस समय सुविधाओं की कमी और सार्वजनिक व्यवस्था की समस्या रहती थी, जिसे अब BJP सरकार ने पूरी तरह हल कर दिया है।
इसके अलावा, Yogi Adityanath ने Samajwadi Party और Congress पर शिक्षा विरोधी और भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि SP ने अपने ‘PDA’ राजनीतिक नारे के बावजूद दलित, पिछड़े और वंचित समुदायों के कल्याण के बजाय परिवार और कुछ खास व्यक्तियों के हितों को प्राथमिकता दी।
माफिया राज और राष्ट्रीय चिंताएं
Prayagraj में मुख्यमंत्री ने पूर्व की अव्यवस्था को सीधे तौर पर Atiq Ahmed जैसे माफियाओं के प्रभाव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उस दौर में माफियाओं का बोलबाला था जिसने प्रदेश की शांति को प्रभावित किया था।
16 अक्टूबर, 2026 को मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने उन लोगों की निंदा की जो भारत में अराजकता के जरिए सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं। उन्होंने बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पर AISA नेता Neha Bora के हालिया बयानों का जिक्र किया। Yogi Adityanath ने कहा कि सत्ता जनता के जनादेश से हासिल की जानी चाहिए, न कि अराजकता फैलाकर।

























