Skip to main content

Naradsamvad

ब्रेकिंग न्यूज़
[post-views]

वोटर लिस्ट विवाद: सपा सांसद इकरा हसन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

Ad image

लखनऊ में बात करते हुए हसन ने सत्तारूढ़ दल पर देश को लूटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार देश के युवाओं की कीमत पर केवल एक व्यक्ति को बचाने को प्राथमिकता दे रही है।

इकरा हसन ने सवाल उठाया कि प्रशासन युवा नागरिकों को मानसिक तनाव और परेशानी में क्यों डाल रहा है। इसी आधार पर उन्होंने ज्ञानेश कुमार से उनके संवैधानिक पद को छोड़ने की अपील की है।

विपक्ष की भूमिका और सरकार का रवैया

सांसद इकरा हसन का तर्क है कि विपक्ष का प्राथमिक कर्तव्य देश के जरूरी मुद्दों को उठाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन करने के अपने तरीके को लेकर सत्ताधारी दल अहंकार में डूबा हुआ है।

ALSO READ  ओम प्रकाश राजभर का दावा, समाजवादी पार्टी के बिना राहुल गांधी यूपी में नहीं जीत पाएंगे

यह पूरा विवाद अक्टूबर 2026 की शुरुआत से शुरू हुआ है। तब से INDIA गठबंधन और कई युवा संगठनों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

वोटर लिस्ट से नाम हटाने का विवाद

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर देशभर में गुस्सा है।

ALSO READ  लखनऊ के सुल्तानपुर रोड पर घर में घुसा तेज रफ्तार ट्रक, स्टीयरिंग में फंसा ड्राइवर सुरक्षित बचाया गया

दूसरी ओर, भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी बात रखी है। आयोग का कहना है कि रिवीजन से जुड़े सभी फैसले तीन सदस्यीय आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए थे। इसके बावजूद आलोचकों ने दबाव बढ़ा दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त की स्थिति और कानूनी पहलू

ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को अपना पद संभाला था। चुनाव निकाय के भीतर आंतरिक विवादों की खबरों के बाद वे विवादों के केंद्र में आ गए हैं।

हैरानी की बात यह है कि 23 सितंबर 2026 के बाद से ज्ञानेश कुमार ने न तो कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई है और न ही कोई बयान जारी किया है। इस वजह से दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में हो रहे प्रदर्शनों के बीच अटकलें तेज हो गई हैं।

ALSO READ  चन्दौली के डीडीयू नगर MRF प्लांट में अस्पतालों का बायोमेडिकल कचरा मिलने से मचा हड़कंप, जांच की मांग

सुप्रीम कोर्ट का रुख और लोकतांत्रिक संस्थाएं

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक दस्तक दी गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अंतरिम निलंबन जारी करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अलावा कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं हैं।

इन सबके बीच इकरा हसन प्रशासन की लगातार आलोचना कर रही हैं। वे वोटर लिस्ट के इस मुद्दे को भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं के संरक्षण से जुड़ी व्यापक चिंताओं से जोड़कर देख रही हैं।

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

1615738
Total Visitors
error: Content is protected !!