पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी दिव्या मित्तल ने आधिकारिक तौर पर राजनीति में कदम रख दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में मिर्जापुर सदर सीट से उम्मीदवार होंगी।
दिव्या मित्तल ने 15 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो संदेश और सोशल मीडिया बयान के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। वह अब इस क्षेत्र से चुनाव लड़कर राजनीतिक सफर की शुरुआत करेंगी।
प्रशासनिक अनुभव और मिर्जापुर से जुड़ाव
दिव्या मित्तल पहले मिर्जापुर की जिला मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। वह सितंबर 2022 से सितंबर 2023 तक मिर्जापुर की डीएम रही थीं।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास और जन कल्याण के कई काम किए, जिससे उन्हें काफी पहचान मिली। इनमें सबसे खास लहुरिया दह गांव में पानी की किल्लत की समस्या को सुलझाने के लिए किए गए उनके प्रयास रहे।
IAS पद से इस्तीफा और नई पार्टी का गठन
राजनीति में आने के लिए दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को IAS पद से अपना इस्तीफा दे दिया था। इस इस्तीफे को आधिकारिक तौर पर सितंबर 2026 में स्वीकार कर लिया गया था।
अपनी राजनीतिक एंट्री को आसान बनाने के लिए उन्होंने ‘जन नीति भारत’ नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की है। वह इसी पार्टी के बैनर तले चुनावी मैदान में उतरेंगी।
पार्टी के लक्ष्य और राजनीतिक समर्थन
दिव्या मित्तल ने अपनी पार्टी ‘जन नीति भारत’ के लिए तीन मुख्य वादे तय किए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- नीति निर्धारण के केंद्र में आम नागरिकों को रखा जाएगा।
- फैसले जाति या प्रभाव के बजाय केवल जरूरत के आधार पर लिए जाएंगे।
- सभी सार्वजनिक कार्यों में पूरी पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।
उनकी इस घोषणा के बाद उन्हें आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर का राजनीतिक समर्थन मिला है। अमिताभ ठाकुर ने ‘जन नीति भारत’ के गठन का स्वागत किया है।
राजनीतिक विश्लेषक अब इन दोनों संस्थाओं के बीच एक रणनीतिक गठबंधन की संभावनाओं पर नजर रख रहे हैं।

























