प्रेस क्लब में आज ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में नेहा बोरा, प्रशांत भूषण, प्रकाश राज, अभिजीतdeepcopy, अंजलि भारद्वाज और निखिल डे शामिल हुए थे।
कार्यक्रम की शुरुआत होते ही जब नेहा बोरा ने अपना संबोधन शुरू किया, तब वहां मौजूद Republic TV के चार पत्रकारों ने जोर-जोर से चिल्लाकर सवाल पूछने शुरू कर दिए। इस वजह से पूरी कार्यवाही में बाधा उत्पन्न हुई।
Republic TV के पत्रकारों का हंगामा और शोर-शराबा
आयोजकों ने Republic TV के पत्रकारों से बार-बार अनुरोध किया कि वे पहले वक्ताओं को अपनी बात पूरी करने दें और उसके बाद सवाल पूछें। इसके बावजूद शोर-शराबा जारी रहा और व्यवधान नहीं रुका।
इस हंगामे की वजह से वहां काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। काफी शोर-शराबे के बाद अंत में Republic TV के पत्रकार उस जगह से बाहर चले गए।
अन्य पत्रकारों और observers की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के बाद वहां मौजूद अलग-अलग न्यूज चैनलों के पत्रकारों ने Republic TV के पत्रकारों के व्यवहार को गलत बताया। उनका कहना था कि यह कोई सामान्य पत्रकारिता वाला सवाल-जवाब नहीं था, बल्कि प्रेस कॉन्फ्रेंस को जानबूझकर बाधित करने की कोशिश थी।
वहां मौजूद observers ने इस बात पर सवाल उठाए कि इस तरह के आक्रामक तरीके सरकारी अधिकारियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्यों नहीं अपनाए जाते हैं। उन्होंने यह भी नोट किया कि Republic TV के पत्रकारों का यह व्यवहार प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah के कार्यक्रमों में दिखने वाले अनुशासन और शिष्टाचार के बिल्कुल विपरीत था।

























