पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी दिव्या मित्तल ने 15 अक्टूबर 2026 को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जननीति भारत पार्टी’ के शुभारंभ की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने इस खबर को फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए साझा किया है।
इस घोषणा के माध्यम से उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में चुनाव लड़ेंगी। दिव्या मित्तल मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से मैदान में उतरेंगी।
दिव्या मित्तल 2013 बैच की यूपी कैडर की IAS अधिकारी थीं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में 13 साल तक काम करने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
राजनीति में प्रवेश और पार्टी गठन की वजह
दिव्या मित्तल ने सबसे पहले 30 सितंबर को राजनीति में आने की इच्छा जताई थी। उस समय उनकी इस पहल को जनता की तरफ से बहुत जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी।
इसी भारी समर्थन को देखते हुए उन्होंने एक नई पार्टी बनाने का फैसला किया। उन्होंने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह किसी मौजूदा राजनीतिक संगठन का हिस्सा नहीं बनेंगी और जनता के लिए एक अलग मंच तैयार करेंगी।
उन्होंने बताया कि उनके एक समर्पित WhatsApp चैनल पर लोगों ने इतनी बड़ी संख्या में संदेश भेजे कि वह चैनल अस्थायी रूप से ब्लॉक हो गया। इस घटना ने उन्हें राजनीतिक प्रक्रिया में जनता की भागीदारी के लिए एक औपचारिक ढांचा बनाने के लिए प्रेरित किया।
जननीति भारत पार्टी के तीन मुख्य संकल्प
जननीति भारत पार्टी की नींव तीन बुनियादी प्रतिबद्धताओं पर रखी गई है, जिन्हें ‘तीन वचन’ कहा गया है। ये वचन पार्टी की कार्यप्रणाली का आधार होंगे।
- नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के साथ ऐसी नीतियां बनाना जो पूरी तरह से जनता के अनुकूल हों।
- बिना किसी भेदभाव के केवल जरूरत के आधार पर निर्णय लेना।
- शासन व्यवस्था में पूरी तरह से पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाए रखना।
पार्टी का मुख्य उद्देश्य किसानों, छोटे व्यापारियों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को हल करना है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पूरे पांच साल के कार्यकाल के दौरान सरकारी कामकाज जनता के हित में रहे।
दिव्या मित्तल का शैक्षणिक और पेशेवर सफर
दिव्या मित्तल ने अपनी पढ़ाई IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पूरी की है। IAS करियर में आने से पहले उन्होंने लंदन में भी काम किया था।
प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने मिर्जापुर में जिला अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इसी अनुभव और शैक्षणिक योग्यता के साथ अब वह राजनीतिक क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू कर रही हैं।

























