समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित हेराफेरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के दान में चोरी करने वाले लोगों को ईश्वरीय दंड भुगतना होगा।
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि जो लोग अधर्मी हैं, झूठ बोलते हैं और जनता को कष्ट देते हैं, उनकी हार निश्चित है। उन्होंने भगवान राम के पैसों की चोरी को एक बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा बताया है।
उन्होंने सहारनपुर के दौरे के दौरान और इससे पहले अगस्त 2026 में भी अपनी बात दोहराई थी। उनका आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी प्रभावशाली लोगों को बचा रही है, जबकि अनियमितताओं को अब तक ठीक नहीं किया गया है। इस पूरे मामले की कानूनी कार्यवाही अभी जारी है।
SIT की चार्जशीट और बरामदगी का विवरण
इस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। 23 सितंबर 2026 को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने आठ लोगों के खिलाफ एक चार्जशीट दाखिल की, जो लगभग 74,000 पन्नों की है।
SIT ने जिन लोगों के खिलाफ यह चार्जशीट पेश की है, उनमें ये नाम शामिल हैं:
- अविनाश शुक्ला
- लवकुश मिश्रा
- राम शंकर मिश्रा
- अनुकल मिश्रा
- मनीष कुमार यादव
- करुणेश पांडे
- रामशंकर यादव
- सुभाष श्रीवास्तव
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों में से सात लोगों से 79.8 लाख रुपये की वसूली की गई है। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन द्वारा दर्ज कराई गई FIR के बाद SIT ने यह जांच की थी।
SIT के रिकॉर्ड के अनुसार, CCTV कैमरों की निगरानी में चोरी की 105 घटनाएं पकड़ी गईं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट दर्ज कराने में हुई 21 दिनों की देरी को लेकर अब भी सवाल उठ रहे हैं।
अदालती कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप काफी ज्यादा रहा है। 22 सितंबर 2026 को अयोध्या की एक जिला अदालत ने फैजाबाद बार एसोसिएशन की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई थी।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को गिरफ्तार होने से पूरी तरह सुरक्षा प्रदान की है। अभिषेक उपाध्याय पर रोड रेज का एक मामला दर्ज था, जिसे उन्होंने चंदे की हेराफेरी की रिपोर्टिंग के कारण उत्पीड़न का मामला बताया था।
15 अक्टूबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने एक अलग याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इस याचिका में दान की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। अदालत ने कहा है कि इस मामले पर गर्मियों की छुट्टियों के बाद विचार किया जाएगा।

























