बरेली-मुरादाबाद निर्वाचन क्षेत्र के MLC हरि सिंह ढिल्लों पर अपने क्षेत्र विकास निधि के आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने इस निधि का बड़ा हिस्सा मदरसों और अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को दिया है।
पूर्व MLC और निर्दलीय उम्मीदवार संजय मिश्रा ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साल 2023 से 2026 के बीच निर्धारित 67 प्रोजेक्ट्स की एक सूची का हवाला दिया है।
इस सूची में भवनों का निर्माण, सोलर लाइट लगवाना, हाई-मास्ट लाइट लगवाना और फर्नीचर खरीदने जैसे काम शामिल हैं। संजय मिश्रा ने इन प्रोजेक्ट्स के चयन और फंड के वितरण पर आपत्ति जताई है।
भवनों के निर्माण और फर्नीचर पर हुआ खर्च
दस्तावेजों के अनुसार, संभल और अमरोहा जिलों में आठ भवनों के निर्माण के लिए 63.79 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इन निर्माण कार्यों के लिए अलग-अलग संस्थानों के नाम दर्ज हैं।
रिकॉर्ड में शामिल संस्थानों में मदरसा इस्लामिया अरबिया मोहबरर उल-उलूम, ख्वाजा गरीब नवाज इंटर कॉलेज, मसरूर हुसैन इंडियन इंटर कॉलेज और रफीक हुसैन मेमोरियल डिग्री कॉलेज के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा, मुरादाबाद के उमर इंटर कॉलेज में फर्नीचर खरीदने के लिए दो प्रविष्टियां दर्ज हैं। फर्नीचर की खरीद के लिए कुल दो लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है।
लाइटिंग प्रोजेक्ट्स और सोलर लाइट का विवरण
लाइटिंग के मामले में दस्तावेज़ में सोलर लाइट के लिए 53 प्रविष्टियां मौजूद हैं। इनमें से एक प्रविष्टि में राशि नहीं लिखी है, जबकि बाकी 52 प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग 8.05 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
ये सोलर लाइटें केवल मदरसों में ही नहीं, बल्कि विभिन्न स्कूलों और इंटर कॉलेजों में भी लगाई गई हैं। इसके साथ ही, चार हाई-मास्ट लाइटिंग प्रोजेक्ट्स के लिए 11.377 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी।
पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
आलोचकों ने इन संस्थानों के चयन के लिए अपनाए गए मानदंडों पर पारदर्शिता की मांग की है। वे यह जानना चाहते हैं कि इन कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है और फंड का वास्तविक उपयोग कैसे हुआ है।
यह सुझाव भी दिया गया है कि अन्य सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को दी गई फंडिंग के साथ इसका तुलनात्मक विश्लेषण किया जाए। इससे यह पता चल सकेगा कि फंड आवंटन में किन प्राथमिकताओं को रखा गया था।
जब इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए MLC हरि सिंह ढिल्लों से संपर्क किया गया, तो उनके निजी सचिव ने जवाब दिया। सचिव ने बताया कि MLC एक मीटिंग में व्यस्त हैं।

























