लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 40,000 घर पानी में डूब चुके हैं और लोग मुश्किल हालात में हैं।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस संकट पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस आपदा से करीब 5,00,000 लोग प्रभावित हुए हैं।
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस स्थिति को औपचारिक आपदा घोषित करने में विफलता दिखाई है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह संकट प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और ड्रेनेज सिस्टम की खराब बुनियादी संरचना की वजह से आया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने इंजीनियरिंग की सलाह को नजरअंदाज किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी जानबूझकर बाढ़ ला रही है और लखनऊ की जलभराव वाली स्थिति की तुलना वेनिस शहर से की।
नवरात्रि में बंद हुआ चंद्रिका देवी मंदिर
बाढ़ का असर धार्मिक स्थलों पर भी पड़ा है। श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण चंद्रिका देवी मंदिर को बढ़ते जलस्तर के कारण आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है।
यह पहली बार हुआ है कि नवरात्रि उत्सव के दौरान इस मंदिर को बंद किया गया है। मंदिर की मेला विकास समिति और स्थानीय पुलिस ने जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया है। यह मंदिर अमावस्या और शारदीय नवरात्रि के बाकी दिनों तक बंद रहेगा।
राहत कार्यों का निरीक्षण और वर्तमान स्थिति
11 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रभावित फैजुल्लागंज-दौधनगर क्षेत्रों का दौरा किया। उनके साथ मेयर सुषमा खर्कवाल और म्युनिसिपल कमिश्नर गौरव कुमार भी मौजूद थे।
मंत्री शर्मा ने स्थानीय अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विस्थापित परिवारों के लिए
- साफ पीने का पानी
- भोजन
- दवाइयां
- अन्य जरूरी सामान
उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
इन कोशिशों के बावजूद गोमती नदी का जलस्तर पिछले 12 दिनों से लगातार बढ़ रहा है। कई निवासी अब आवाजाही के लिए नावों पर निर्भर हैं और वहां भोजन व पशु चारे की भारी कमी बनी हुई है। 12 अक्टूबर 2026 तक बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

























