प्रतापगढ़ पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राम किशुन और रोहित कुमार के रूप में हुई है।
यह पूरा मामला बघराई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले उमरी कोटिला गांव का है। यहां आरोपियों ने धोखाधड़ी करके जमीन का सौदा किया था।
जमीन की पैमाइश में खुला फर्जीवाड़ा
मामले की शुरुआत साल 2022 में हुई जब फूलकली नाम के एक निवासी ने यह जमीन खरीदी थी। फूलकली ने इस जमीन के लिए 2.30 लाख रुपये का भुगतान किया था।
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब जमीन की पैमाइश (सर्वेक्षण) कराई गई। पैमाइश के दौरान यह बात सामने आई कि जमीन बेचने वाले लोगों के पास उस जमीन का कोई कानूनी मालिकाना हक नहीं था।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
जब पीड़ित फूलकली ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ विरोध करना शुरू किया, तो उन्हें डराया-धमकाया गया। इसके बाद कानूनी रास्ता अपनाया गया और कोर्ट के आदेश के बाद साल 2025 में दोनों आरोपियों के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज किया गया।
केस दर्ज होने के बाद से ही राम किशुन और रोहित कुमार फरार चल रहे थे। पुलिस लंबे समय से इन दोनों की तलाश कर रही थी।
पुलिस टीम ने रविवार को की गिरफ्तारी
सब-इंस्पेक्टर जिलेदार पाल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने फरार चल रहे राम किशुन और रोहित कुमार को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया। दोनों संदिग्धों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है।

























