सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने भोपाल स्थित सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (CGST) मुख्यालय के प्रिवेंटिव ब्रांच के सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार को गिरफ्तार किया है। उन पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है।
यह गिरफ्तारी शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में की गई। यह पूरी कार्रवाई एक स्थानीय स्क्रैप व्यापारी द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के बाद हुई है।
रिश्वत की मांग और सीबीआई का जाल
जांच के अनुसार, आरोपी अधिकारी राजेश कुमार स्क्रैप व्यवसायी से हर महीने 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे। यह रकम अवैध रूप से ली जा रही थी।
इस रिश्वत का उद्देश्य यह था कि स्क्रैप सामग्री ले जाने वाले वाहनों को अधिकारी द्वारा न रोका जाए और न ही उन्हें परेशान किया जाए। इससे व्यापारी का कारोबार बिना किसी हस्तक्षेप के चलता रहे।
शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर एक्शन लेते हुए CBI ने मामला दर्ज किया और एक जाल बिछाया। इस योजना के तहत अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया और उनकी गिरफ्तारी कर ली गई।
छापेमारी में भारी नकदी और दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के बाद CBI की टीमों ने राजेश कुमार के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह व्यापक छापेमारी भोपाल और कानपुर दोनों शहरों में स्थित उनके आवासीय परिसरों पर की गई।
इन छापों के दौरान जांचकर्ताओं को 72.50 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। इसके साथ ही एजेंसी ने आरोपी की अचल संपत्तियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
CBI ने पुष्टि की है कि इस पूरे मामले की जांच फिलहाल जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

























