समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 11 अक्टूबर, 2026 को लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का दौरा किया। वे लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने और उनकी प्रतिमा पर माला चढ़ाने वहां पहुंचे थे।
इस साल अधिकारियों ने अखिलेश यादव को परिसर के अंदर जाने की अनुमति दे दी। इससे पहले के वर्षों में पूर्व मुख्यमंत्री को भारी पुलिस प्रतिरोध और बैरिकेड्स का सामना करना पड़ा था।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए शुरुआत में भारी सुरक्षा तैनात की थी। केंद्र के चारों ओर बैरिकेड्स और टिन शेड भी लगाए गए थे, जिससे माहौल में तनाव बढ़ गया था।
बदलाव की शुरुआत और पुराना विवाद
अखिलेश यादव ने पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मिली अनुमति को ‘बदलाव की शुरुआत’ बताया। उन्होंने दो साल पहले की एक घटना का जिक्र किया जब उन्हें एक बंद लोहे के गेट को फांदकर अंदर जाना पड़ा था।
JPNIC का उद्घाटन साल 2016 में अखिलेश यादव ने ही किया था, लेकिन तब से यह राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। यह केंद्र पिछले नौ वर्षों से काफी हद तक निष्क्रिय पड़ा रहा है।
केंद्र के निजी लीज और वित्तीय आरोप
25 अगस्त, 2026 को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इस केंद्र को निजी संस्थाओं को लीज पर देने का फैसला किया। इसे 831 करोड़ रुपये में 30 साल के लिए Rockwood Hotels and Resorts Private Limited और Vrindavan Bottlers को लीज पर दिया गया है।
इस प्रोजेक्ट के वित्तीय इतिहास को लेकर राजनीतिक हमले तेज हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के दौरे को ‘ड्रामा’ करार दिया और सवाल उठाया कि प्रोजेक्ट की लागत 17 करोड़ रुपये के शुरुआती अनुमान से बढ़कर लगभग 850 करोड़ रुपये कैसे हो गई। उन्होंने इसमें भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
मंत्री ओम प्रकाश राजभान ने भी निर्माण पर खर्च हुए 865 करोड़ रुपये का हिसाब मांगा है। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए कि केंद्र की ऑपरेटिंग कमेटी में अखिलेश, डिंपल और धर्मेंद्र यादव को क्यों शामिल किया गया था।
अखिलेश यादव का पलटवार
इन आरोपों के जवाब में अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ruling BJP सरकार जयप्रकाश नारायण की विचारधारा को ‘कैद’ करने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को ‘बेचने’ का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने प्रोजेक्ट के खर्चों को लेकर सरकार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया।

























